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रायपुर 24 अगस्त 2025 / ETrendingIndia / A two-day blood donation camp started at the Shanti Sarovar Retreat Center of Brahma Kumaris in Raipur… 68 units of blood were collected on the first day… रायपुर रक्तदान शिविर 2025 , प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की पूर्व मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी दादी प्रकाशमणि की 18 वीं पुण्यतिथि के अवसर पर 23 अगस्त को शांति सरोवर रिट्रीट सेंटर में दो दिवसीय विशाल रक्तदान शिविर शुरू हुआ। इसका उद्घाटन प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल ने किया। शिविर के पहले दिन 68 यूनिट रक्त संग्रह हुआ।

रायपुर रक्तदान शिविर 2025 , श्री जायसवाल कहा कि भारत में दान की परंपरा आदिकाल से चली आ रही है। विभिन्न दानों में रक्तदान सबसे महत्वपूर्ण और श्रेष्ठ है क्योंकि यह जीवन और मृत्यु के बीच संघर्षरत व्यक्ति की प्राण बचाता है।उन्होंने कहा कि हर जिले में ब्लड बैंक खुल चुके हैं।

ब्रह्मकुमारी संस्थान ने भारत के 6000 से ज्यादा सेंटरों और नेपाल में एक साथ रक्तदान महाअभियान की शुरुआत की है।

एक लाख यूनिट से ज्यादा रक्तदान के लक्ष्य के साथ शुरू इस अभियान को गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में दर्ज कराया जाएगा।

यहां 24 अगस्त (रविवार) को सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक भी रक्तदान किया जा सकता है।

खून की जांच के लिए 10 मोबाइल एटीएम

कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित राज्य रेडक्रास सोसायटी के मुख्य कार्यपालन अधिकारी व सेवानिवृत्त आईएएस श्री एम के राऊत ने कहा कि रेडक्रास सोसायटी जल्द ही खून की जांच के लिए 10 मोबाइल एटीएम चालू करने जा रही है। इससे महज पांच मिनट में खून की जांच रिपोर्ट मिल जाएगी।

महिलाएं भी कर सकती हैं रक्तदान

रक्तदान को लेकर एक मिथक है कि सिर्फ पुरुष ही दान कर सकते हैं। रक्तदान के लिए इस संस्थान की बहनों का उत्साह इस मिथक को तोड़ेगा।

न्यूनतम शुल्क देने में सक्षम नहीं होने पर मुफ्त दिया जाता है ब्लड

रेडक्रास सोसायटी के चेयरमैन एवं सेवानिवृत्त आईएएस अशोक अग्रवाल ने कहा कि एक व्यक्ति साल में चार बार रक्तदान कर सकता है। सोसायटी के ब्लड बैंकों में खून के लिए आने वालों को पास डोनर नहीं हो तो भी हम निर्धारित शुल्क लेकर ब्लड देते हैं। जो न्यूनतम शुल्क देने में भी सक्षम नहीं हैं, उन्हें मुफ्त दिया जाता है।

रायपुर सेवाकेन्द्र की संचालिका ब्रह्माकुमारी सविता दीदी ने कहा कि
यह शिविर न केवल रक्त की कमी को पूरा करेगा, बल्कि समाज में मानवता और बंधुत्व की भावना को भी सशक्त करेगा। रक्तदान से आयरन लेवल संतुलित रहता है और हृदय रोग का खतरा भी कम होता है।