Share This Article सड़क दुर्घटनाओं पर लगाम लगाने की साझा पहल रायपुर सड़क सुरक्षा पहल के तहत सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को रोकने के लिए पुलिस और स्वास्थ्य विभाग ने समन्वय बढ़ाया है।इसी क्रम में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रायपुर डॉ. लाल उमेद सिंह ने सड़क सुरक्षा माह 2026 के तहत जिले के चिकित्सा अधिकारियों की वर्चुअल बैठक ली।बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एम. चौधरी सहित सभी सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के अधिकारी शामिल हुए। गोल्डन ऑवर में इलाज से बच सकती है जान बैठक में एसएसपी ने बताया कि सड़क दुर्घटना के बाद पहला एक घंटा “गोल्डन ऑवर” होता है।यदि इस दौरान घायल को इलाज मिल जाए, तो लगभग 90 प्रतिशत मामलों में जान बचाई जा सकती है।इसी कारण रायपुर सड़क सुरक्षा पहल में त्वरित चिकित्सा सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। पुलिस मितान निभाएंगे अहम भूमिका रायपुर जिले के हर गांव से 7–8 युवाओं को “पुलिस मितान” के रूप में जोड़ा गया है।उन्हें पहचान पत्र, टी-शर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस और आयुष्मान कार्ड की सुविधा दी गई है।वर्तमान में करीब 4500 पुलिस मितान कानून व्यवस्था और यातायात ड्यूटी में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। निःशुल्क इलाज और बड़ा सम्मेलन बैठक में स्पष्ट किया गया कि सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को शासकीय और निजी अस्पतालों में बिना देरी इलाज दिया जाए।केंद्र सरकार की अधिसूचना के अनुसार, सड़क दुर्घटना के घायलों को 1.50 लाख रुपये तक का निःशुल्क इलाज उपलब्ध कराया जाएगा।इसी कड़ी में 18 जनवरी 2026 को कृषि महाविद्यालय जोरा, रायपुर में विशाल पुलिस मितान सम्मेलन आयोजित होगा। Share This Article Post navigation तिल्दा शराब दुकान अपहरण: चार कर्मचारियों को बदमाश उठा ले गए, भीड़ देखती रही रायपुर जल वितरण व्यवस्था मजबूत, सभी जोनों से पाइपलाइन की रिपोर्ट तलब