Share This Article रायपुर, 25 सितंबर 2026। Raipur Welfare Foundation : रायपुर वेलफेयर फाउंडेशन सोसायटी की 21 सदस्यीय टीम ने दुर्ग जिले के कुम्हारी के समीप स्थित विश्वगीता गौधाम का भ्रमण किया। गौधाम की स्वच्छता, सुव्यवस्थित व्यवस्थाओं और गौसेवा के प्रति समर्पण ने टीम के सदस्यों को प्रभावित किया। यहां करीब 400 गौवंश के लिए व्यवस्था उपलब्ध है, जबकि वर्तमान में लगभग 250 गौ माता और नंदी बाबा रह रहे हैं। 24 घंटे सेवा में जुटे डॉक्टर और गौसेवक विश्वगीता गौधाम में गौवंश की देखभाल के लिए डॉक्टरों के साथ करीब 15 से 20 गौसेवक 24 घंटे सक्रिय रहते हैं। घायल और बीमार गौवंश के उपचार के साथ उनकी नियमित देखभाल की व्यवस्था भी यहां की गई है। टीम के सदस्य लगातार गौवंश की स्थिति पर नजर रखते हैं और जरूरत के अनुसार उपचार उपलब्ध कराया जाता है। घायल गौवंश के लिए 24 घंटे रेस्क्यू सुविधा रायपुर शहर में कहीं भी घायल गौ माता या नंदी बाबा की सूचना मिलने पर गौधाम की टीम 24 घंटे एंबुलेंस के जरिए रेस्क्यू के लिए पहुंचती है। गौसेवक मौके पर पहुंचकर घायल गौवंश को सुरक्षित गौधाम लाते हैं, जहां उसके उपचार और देखभाल की प्रक्रिया शुरू की जाती है। परिवार और बच्चों के साथ आने की अपील रायपुर वेलफेयर फाउंडेशन सोसायटी ने लोगों से परिवार और बच्चों के साथ विश्वगीता गौधाम आने की अपील की। सोसायटी का कहना है कि जन्मदिन, वर्षगांठ या अन्य शुभ अवसरों पर यहां सेवा गतिविधियों से जुड़ना बच्चों और नई पीढ़ी में जीवदया, सेवा और संवेदना के संस्कार विकसित करने का माध्यम बन सकता है। फाउंडेशन ने गौसेवा में दिया सहयोग भ्रमण के दौरान रायपुर वेलफेयर फाउंडेशन सोसायटी की ओर से 11 हजार रुपये की राशि के साथ गौवंश के भोजन की सामग्री भी प्रदान की गई। सोसायटी के अध्यक्ष रमेश अग्रवाल, सचिव जेपी अग्रवाल और कोषाध्यक्ष मुकेश अग्रवाल ने विश्वगीता परिवार की गौसेवा के प्रयासों के लिए साधुवाद दिया। विश्व गीता गौधाम छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में कुम्हारी के समीप केवल्य धाम के आगे परसदा खार में स्थित है। Share This Article Post navigation कल सुबह महाराजबंध तालाब में जुटेगा शहर…, श्रमदान से होगी सफाई CG Baiga Culture : थाड़पथरा में बैगा संस्कृति से रूबरू हुए 90 विद्यार्थी, जंगल से ‘माई का मंडप’ तक की ट्रैकिंग