रायपुर, 3 नवंबर 2025/ ETrendingIndia / NABARD initiative: Women’s groups are becoming self-reliant, a confluence of skill and confidence was seen at the State Festival/ नाबार्ड महिला स्वसहायता समूह छत्तीसगढ़ , नवा रायपुर में चल रहे पांच दिवसीय राज्योत्सव में इस बार परंपरा, संस्कृति और आत्मनिर्भरता का मनमोहक संगम दिखाई दे रहा है। यहां नाबार्ड (राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक) की सहायता से गठित स्व-सहायता समूहों ने अपने कौशल, कला और नवाचार से सबका दिल जीत लिया है।
नाबार्ड की विशेषता यह है कि वह ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने के साथ महिलाओं को आर्थिक स्वतंत्रता की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर प्रदान करता है। इसकी मदद से बने स्व-सहायता समूहों को कौशल विकास, वित्तीय प्रबंधन, पैकेजिंग और विपणन प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है।
नाबार्ड महिला स्वसहायता समूह छत्तीसगढ़ , राजनांदगांव जिले के जय सेवा हस्तशिल्प आर्ट गायत्री समूह ने मिट्टी, बांस और वस्त्र कला के जरिए अपनी रचनात्मकता का शानदार प्रदर्शन किया। उनके झूमर, फूलदानी, दीये, कोसा सिल्क पर लोककला डिज़ाइन और हस्तनिर्मित आभूषणों ने दर्शकों को छत्तीसगढ़ की जीवंत लोकसंस्कृति से रूबरू कराया।
नाबार्ड समर्थित स्टॉलों में बांस कला, गोदना आर्ट, टेक्सटाइल डिज़ाइन, खादी और कोसा सिल्क उत्पादों ने परंपरा और आधुनिकता का सुंदर मेल प्रस्तुत किया।
महिला कलाकारों ने बताया कि ऐसे आयोजनों से उन्हें न केवल आय का स्रोत मिलता है बल्कि आत्मविश्वास और पहचान भी मिलती है।
नाबार्ड, कृषि विकास, महिला आजीविका, बांस मिशन, किसान क्लब और ग्रामीण उद्यमिता जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से हजारों महिलाओं और युवाओं को आत्मनिर्भर बना रहा है।
