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रायपुर, 30 सितंबर 2026 / ETrendingIndia / राष्ट्रीय कृषि सम्मेलन-रबी अभियान-2026 के दूसरे दिन केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने केंद्र और राज्यों से दलगत राजनीति से ऊपर उठकर किसानों के हित में ‘टीम एग्रीकल्चर’ की भावना से काम करने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि सरकारें और राजनीतिक दल आते-जाते रहते हैं, लेकिन देश और किसान शाश्वत हैं। लक्ष्य खेती को बेहतर बनाना और किसानों की आय तथा आजीविका को मजबूत करना है।

सम्मेलन में 10 राज्यों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (पीएम-आरकेवीवाई) के तहत 1,200 करोड़ रुपये से अधिक के स्वीकृति पत्र दिए गए।

इनमें पश्चिम बंगाल को 290 करोड़, हरियाणा को 198 करोड़, छत्तीसगढ़ को 181 करोड़, अरुणाचल प्रदेश को 154 करोड़, बिहार को 114 करोड़, कर्नाटक को 104 करोड़, मिजोरम को 75 करोड़, हिमाचल प्रदेश को 64 करोड़, झारखंड को 58 करोड़ और पंजाब को 43 करोड़ रुपये शामिल हैं।

कृषि विकास दर बढ़कर 4.5 प्रतिशत

कृषि विकास दर 4.5 प्रतिशत तक पहुंची चौहान के अनुसार, वर्ष 2015 के बाद देश की कृषि विकास दर करीब 3 प्रतिशत से बढ़कर 4.5 प्रतिशत हो गई है।

खाद्यान्न उत्पादन में वार्षिक औसत वृद्धि 40 लाख टन से बढ़कर 84 लाख टन हो गई है। वर्ष 2023-24 से 2025-26 के दौरान रबी खाद्यान्न उत्पादन में 205 लाख टन की वृद्धि दर्ज की गई।

उन्होंने इस प्रगति का श्रेय किसानों, वैज्ञानिकों और राज्यों के कृषि विभागों के संयुक्त प्रयासों को दिया।

हर महीने केंद्र-राज्य कृषि समीक्षा
केंद्र और राज्यों के बीच समन्वय मजबूत करने के लिए अब हर महीने वर्चुअल समीक्षा बैठक होगी।

‘राज्य कृषि टीम’

राज्य स्तर पर कृषि मंत्री, कृषि सचिव, कृषि विश्वविद्यालयों, आईसीएआर संस्थानों, कृषि विज्ञान केंद्रों (केवीके), एफपीओ, प्रगतिशील किसानों, प्रोसेसर्स, एक्सपोर्टर्स और केंद्र के नोडल अधिकारियों को जोड़कर ‘राज्य कृषि टीम’ बनाई जाएगी।

जिला स्तर पर कलेक्टर, कृषि अधिकारी, केवीके, आईसीएआर वैज्ञानिक, बैंकर्स और किसानों की नियमित बैठकें होंगी।

खरीफ-रबी की तैयारी- वार्षिक कैलेंडर

खरीफ अभियान की तैयारी के लिए हर साल 10 मई को जिला स्तर और 17 मई को राज्य स्तर पर बैठक होगी। इसी तरह रबी अभियान के लिए 10 सितंबर को जिला और 17 सितंबर को राज्य स्तर पर बैठक आयोजित की जाएगी। देशभर में कृषि मंत्रियों, अधिकारियों और वैज्ञानिकों की एकदिवसीय विशेष बैठक भी आयोजित की जाएगी।

22 अक्टूबर से ‘खेत बचाओ अभियान’

मिट्टी की सेहत और पर्यावरण संरक्षण के लिए 22 अक्टूबर से 30 नवंबर तक देशव्यापी ‘खेत बचाओ अभियान’ चलाया जाएगा। इसमें वैज्ञानिकों और अन्य कृषि हितधारकों की भागीदारी होगी।

सॉइल हेल्थ कार्ड के आधार पर संतुलित उर्वरक उपयोग को बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे मिट्टी की उर्वरता और मित्र कीटों का संरक्षण हो सके।

पूर्वी भारत में दलहन खेती को बढ़ावा

पूर्वी भारत के झारखंड, बिहार, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में धान की कटाई के बाद खाली रहने वाले खेतों में दलहन की खेती को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया गया।

नकली खाद-बीज पर सख्त कार्रवाई

कृषि मंत्री ने राज्यों को नकली खाद, नकली बीज और अमानक कीटनाशकों के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाने के निर्देश दिए।

जबरन टैगिंग को पूरी तरह खत्म करने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई पर जोर दिया गया। उन्होंने कहा कि किसानों के साथ धोखाधड़ी को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।

पानी और मिट्टी के आधार पर रबी फसल योजना

रबी सीजन में फसलों और उन्नत बीजों का चयन मिट्टी में नमी और पानी की उपलब्धता को ध्यान में रखकर करने की सलाह दी गई।

फसलों को कीट और रोगों से बचाने, पात्र किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड से जोड़ने तथा फसल बीमा योजना में पारदर्शी क्रॉप कटिंग एक्सपेरिमेंट (सीसीई) सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

तुअर, उड़द और मसूर की 100% MSP पर खरीद

किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य दिलाने के लिए पोस्ट-हार्वेस्ट प्रबंधन, वैज्ञानिक भंडारण और मजबूत विपणन व्यवस्था विकसित करने पर जोर दिया गया।

चौहान ने कहा कि तुअर, उड़द और मसूर की एमएसपी पर 100 प्रतिशत सरकारी खरीद सुनिश्चित की जाएगी और किसानों को 48 घंटे में भुगतान की व्यवस्था होगी।

वैश्विक बाजार से जोड़े जाएंगे भारतीय कृषि उत्पाद

कृषि मंत्री ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीए) से बनने वाले नए बाजार अवसरों का लाभ उठाकर भारतीय कृषि उत्पादों, फलों, सब्जियों और अनाज को वैश्विक बाजार से जोड़ा जाएगा।

भारत बने दुनिया का ‘फूड बास्केट’

इसका उद्देश्य किसानों को उनकी उपज के बेहतर दाम दिलाना और भारत को दुनिया का प्रमुख ‘फूड बास्केट’ बनाने की दिशा में आगे बढ़ना है।

उन्होंने प्राकृतिक खेती, एकीकृत कृषि प्रणाली और फसल विविधीकरण को मिशन मोड में बढ़ावा देने तथा पोस्ट-हार्वेस्ट प्रबंधन और वेयरहाउसिंग को मजबूत करने पर भी बल दिया।


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