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रायपुर 15 फरवरी 2026/ ETrendingIndia / Shiv Mahapuran Katha: Devotees walked hundreds of kilometers to reach Kubereshwar Dham to mark the beginning of Rudraksh Mahotsav 2026./ रुद्राक्ष महोत्सव 2026 , विश्व प्रसिद्ध आध्यात्मिक केंद्र कुबेरेश्वर धाम, जिला सीहोर, मध्य प्रदेश में शनिवार से सात दिवसीय रुद्राक्ष महोत्सव 2026Ó का भव्य शुभारंभ हुआ। इस मौके पर मंदिर परिसर में हजारों रुद्राक्ष से निर्मित शिव लिंग का विधि- विधान से पूजन अर्चन के पश्चात दोपहर में कथा का आयोजन किया गया।

अशांति – बैचैनी हो तो वृक्ष के नीचे शिव का ध्यान करें

कथा के पहले दिन अंतर्राष्ट्रीय कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहा कि जब तुम्हारे मन में अशांति हो, बैचैनी हो तो दस मिनट के लिए वृक्ष के नीचे भगवान शिव का ध्यान करें। जब तक हमारा मन शांत नहीं होगा, ईश्वर के प्रति आस्थावान नहीं होगा, तब तक मनुष्य जीवन की सार्थकता नहीं है।

इस दौरान महाराष्ट्र से पैदल चलकर आए एक श्रद्धालु का पंडित श्री मिश्रा ने सम्मान किया।

कुबेरेश्वर धाम का महत्व:

पंडित मिश्रा ने भक्तों को संबोधित करते हुए कहा कि जिस प्रकार ट्रेन के लिए स्टेशन और फ्लाइट के लिए एयरपोर्ट जाना होता है, उसी तरह महादेव को पाने के लिए कुबेरेश्वर धाम आना पड़ता है। उन्होंने बताया कि यह धाम 12 ज्योतिर्लिंगों के मध्य में स्थित है और यहाँ वही आता है जिससे बाबा स्वयं प्रेम करते हैं।

जिस घर में बेटी और बहू का सम्मान होता है, वहाँ दरिद्रता कभी नहीं आती

कथा के दौरान पंडित जी ने सामाजिक कुरीतियों पर प्रहार करते हुए कहा, ‘बेटी आपके पुण्यों की रसीद है। उन्होंने एक नया नारा देते हुए कहा कि अब केवल ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ ही नहीं बल्कि ‘बहू पढ़ाओ, देश बचाओ के संकल्प की आवश्यकता है। जिस घर में बेटी और बहू का सम्मान होता है, वहाँ दरिद्रता कभी नहीं आती।

जल संरक्षण की सीख:

पर्यावरण के प्रति सचेत करते हुए उन्होंने कहा कि शादियों में पानी की बर्बादी रोकना अनिवार्य है। पानी की बोतलों पर लिखा होना चाहिए- ‘मैं जल हूँ, आने वाला कल हूँ। यदि हमने आज जल का सम्मान नहीं किया, तो भविष्य में इसके लिए तरसना पड़ेगा।

भगवान की ‘शरण’ और ‘चरण’ का अर्थ:

पंडित जी ने समझाया कि मंदिर में सिर झुकाना भगवान के चरणों में होना है, लेकिन मंदिर से निकलकर कार्यक्षेत्र पर जाते समय भगवान को याद रखना उनकी शरण में होना है।

कार्यक्रम की रूपरेखा:

कथा के दौरान पंडित जी ने भक्तों द्वारा आए पत्रों को पढ़ा और श्रद्धालुओं के बीच बेलपत्र का वितरण भी किया।

पर्यावरण-हितैषी ‘ग्रीन शिवरात्रि महोत्सव’

यह महोत्सव आगामी 20 फरवरी तक जारी रहेगा। पंडित प्रदीप मिश्रा के सानिध्य में इस वर्ष महाशिवरात्रि के उपलक्ष्य में श्री कुबेरेश्वर धाम में एक अनूठा और पर्यावरण-हितैषी ‘ग्रीन शिवरात्रि महोत्सव’ के नाम से मनाया जा रहा है। यह आयोजन आध्यात्मिकता को प्रकृति संरक्षण से जोड़ने का एक कनूठा और ऐतिहासिक प्रयास है।

विशेष आकर्षण: ज्योतिर्लिंग गार्डन
इस महोत्सव का मुख्य आकर्षण ज्योतिर्लिंग गार्डन की स्थापना है।