Indu Lata Indu Lata
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रायपुर, 12 अक्टूबर 2026/ ETrendingIndia / पति के निधन के बाद चार बेटियों की परवरिश और उनकी पढ़ाई की जिम्मेदारी संभालने वाली सरगुजा की इंदु लता गुप्ता ने मुश्किल परिस्थितियों के आगे हार नहीं मानी।

छत्तीसगढ़ महिला कोष की सक्षम योजना से एक लाख रुपये का ऋण लेकर उन्होंने डेयरी व्यवसाय शुरू किया। आज दो भैंसों से प्रतिदिन लगभग 20 लीटर दूध का उत्पादन कर वे परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत कर रही हैं।

उनकी एक बेटी मेडिकल कॉलेज में, दूसरी इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रही है, जबकि दो अन्य बेटियां भी स्कूल में पढ़ रही हैं।

पति के निधन के बाद खुद संभाली परिवार की जिम्मेदारी

पति के निधन के बाद इंदु लता के सामने चार बेटियों की परवरिश, घर का खर्च और उनकी शिक्षा जारी रखने की बड़ी चुनौती थी। उन्होंने आर्थिक परेशानियों के बावजूद बेटियों की पढ़ाई से समझौता नहीं करने का संकल्प लिया और खुद की आजीविका शुरू करने का फैसला किया।

एक लाख रुपये के ऋण से शुरू किया डेयरी व्यवसाय

आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के माध्यम से उन्हें छत्तीसगढ़ महिला कोष की सक्षम योजना की जानकारी मिली। योजना के तहत एक लाख रुपये का ऋण लेकर अपनी बचत की राशि मिलाई और दो भैंसें खरीदकर डेयरी व्यवसाय शुरू किया।

आज दोनों भैंसों से प्रतिदिन करीब 20 लीटर दूध का उत्पादन हो रहा है। इससे होने वाली आय परिवार की जरूरतों और बेटियों की पढ़ाई में मददगार बन रही है।

मां की मेहनत से बेटियों के सपनों को मिली उड़ान

इंदु लता के संघर्ष का सबसे सुखद परिणाम उनकी बेटियों की शिक्षा है। बेटियों को उच्च शिक्षा हासिल करते देख इंदु लता का आत्मविश्वास बढ़ा है। उनका सपना है कि चारों बेटियां शिक्षित होकर आत्मनिर्भर बनें।

सक्षम योजना बनी आत्मनिर्भरता का आधार

सक्षम योजना से मिले आर्थिक सहयोग ने उन्हें स्वरोजगार शुरू करने का अवसर दिया।

प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के प्रति जताया आभार

इंदु लता गुप्ता ने योजना से मिले सहयोग के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। उनका मानना है कि स्वरोजगार के अवसर महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के साथ उनके परिवार का भविष्य संवारने में भी मदद करते हैं।


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