MamataMamata
Share This Article

रायपुर, 21 अगस्त 2026/ ETrendingIndia / उत्तर बंगाल दौरे के दूसरे दिन केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सिलीगुड़ी स्थित ‘सशस्त्र सीमा बल’ (एसएसबी) के फ्रंटियर मुख्यालय पहुंचे। इस दौरान उन्होंने देश की सुरक्षा, सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण सिलीगुड़ी कॉरिडोर और राष्ट्रीय चेतना से जुड़े विभिन्न विषयों पर बेबाक विचार रखे। गृह मंत्री ने पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए राज्य में हुए राजनीतिक व प्रशासनिक बदलावों को रेखांकित किया।

कार्यक्रम के दौरान उन्होंने सिलीगुड़ी कॉरिडोर के विकास और सुरक्षा के लिए लंबे समय से लंबित 560 एकड़ जमीन की मंजूरी देने पर पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी का मंच से विशेष रूप से धन्यवाद किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि देश की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए केंद्र और राज्य सरकार का समन्वय बेहद आवश्यक है। प्रशासनिक रवैये पर सवाल: अमित शाह ने कहा कि पहले सैन्य और केंद्रीय सुरक्षा बलों के महत्वपूर्ण आयोजनों में राज्य की तत्कालीन मुख्यमंत्री (ममता बनर्जी) को आमंत्रित किए जाने के बावजूद वे इनमें शामिल नहीं होती थीं।

उन्होंने कार्यक्रम में मौजूद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की सराहना करते हुए कहा कि वर्तमान राज्य सरकार सुरक्षा बलों और राष्ट्रीय सुरक्षा के विषयों पर पूरा सहयोग प्रदान कर रही है। देश की सीमा सुरक्षा का उल्लेख करते हुए गृह मंत्री ने कहा कि पूर्व में सामरिक महत्व की परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण करना एक बड़ी चुनौती हुआ करता था।

अमित शाह ने कहा कि, “पूर्वोत्तर भारत को जोडऩे वाले अति-संवेदनशील सिलीगुड़ी कॉरिडोर को सुरक्षा की दृष्टि से मजबूत करने के लिए 560 एकड़ जमीन की तत्काल आवश्यकता थी। पूर्ववर्ती सरकार ने इस महत्वपूर्ण फाइल को लंबे समय तक अटका कर रखा था। लेकिन मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने पद संभालते ही इस भूमि आवंटन को तुरंत मंजूरी दे दी, जिससे अब कॉरिडोर को सुरक्षित बनाने का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है।”

गृह मंत्री ने राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ के ऐतिहासिक महत्व को याद करते हुए कहा कि आजादी और विभाजन के बाद लंबे समय तक इस गीत को पूर्ण रूप से नहीं गाया जाता था। उन्होंने गर्व जताते हुए कहा कि 80वें स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त 2026) के अवसर पर पहली बार दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले और कोलकाता के रेड रोड पर पूरे ‘वंदे मातरम’ का गायन किया गया। इससे देश की युवा पीढ़ी को ऋषि बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय के वास्तविक और ओजस्वी राष्ट्रवादी विचारों से जुडऩे का अवसर मिलेगा। एसएसबी अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक के बाद गृह मंत्री कावाखाली मैदान पहुंचे, जहां उन्होंने ‘भारतीय न्याय संहिता’ प्रदर्शनी का औपचारिक फीता काटकर उद्घाटन किया।

26 अगस्त तक चलने वाली इस प्रदर्शनी का उद्देश्य आम नागरिकों को औपनिवेशिक काल के पुराने ‘आईपीसी’ कानूनों के स्थान पर लागू किए गए नए भारतीय कानूनों और नागरिक-केंद्रित धाराओं के प्रति जागरूक करना है।


Share This Article