Simhastha - 2028
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रायपुर, 29 जुलाई / ETrendingIndia / मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि आगामी सिंहस्थ – 2028 के दृष्टिगत रेलवे सुविधाओं के विस्तार का कार्य निरंतर चल रहा है।

भोपाल को निशातपुरा के रूप में चौथे रेलवे स्टेशन की सौगात मिली है। गत 12 साल में रेलवे का “न भूतो न भविष्यति” विकास हुआ है।

भारतीय रेलवे में द्रुत गति से विकास कार्य हो रहे हैं। यह निशातपुरा स्टेशन के शुभारंभ से अब नई दिल्ली से उज्जैन-इंदौर की ओर जाने वाली रेलगाड़ियों को ट्रैक और इंजन बदलने की जरूरत नहीं होगी।

निशातपुरा रेलवे स्टेशन पर 2 ट्रेनों के ठहराव (स्टापेज) से यात्रियों को नई सौगात मिली है। निशातपुरा रुकने वाली ट्रेनें शिव और शक्ति की प्रतीक हैं।

अब नई दिल्ली से उज्जैन-इंदौर आने-जाने के लिए बचेगा समय

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंहस्थ : 2028 के आयोजन में अनुमानित 40 करोड़ श्रद्धालु मध्यप्रदेश आएंगे। ऐसे में नए रेलवे स्टेशन यात्रियों की भीड़ का दबाव कम करने में अहम भूमिका निभाएंगे।

निशातपुरा क्षेत्र में 14 करोड़ की लागत से विकसित निशातपुरा स्टेशन नागरिकों के लिए संभावनाओं के नए द्वार खोलेगा। यहां अनेक नई सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जब किसी क्षेत्र में रेल लाइन आती है, तो यात्री सुविधाओं के साथ व्यापार, कृषि और माल ढुलाई आदि कार्यों में सुविधा मिलती है।

मध्यप्रदेश के लिए रेल बजट में की 24 गुना बढ़ोतरी

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारतीय रेल का नेटवर्क इतना बड़ा है, जिसमें कई देशों की कुल आबादी के बराबर लोग हमारी ट्रेनों में सफर कर रहे होते हैं।

देश में रेलवे के 70 मंडल मुख्यालय हैं। मध्यप्रदेश में रेलवे ट्रैक का शत प्रतिशत विद्युतीकरण कार्य पूर्ण हो चुका है।

भारतीय रेलवे ने वंदे भारत एक्सप्रेस, अमृत भारत एक्सप्रेस जैसी आधुनिक रेल गाड़ियों की शुरुआत की है। अब भोपाल के पास ट्रेनों के आधुनिक कोच तैयार किए जाएंगे।

वर्ष 2009 से 2014 तक मध्यप्रदेश में रेलवे का बजट केवल 632 करोड़ रुपए था, जो अब वर्ष 2026-27 तक 15 हजार 288 करोड़ रुपए हो गया है।

भारत सरकार ने प्रदेश के लिए रेल बजट में 24 गुना वृद्धि की है। वर्तमान में मध्यप्रदेश में रेलवे के 1 लाख 18 हजार करोड़ लागत के नए कार्य जारी हैं।

वर्ष 2014 के बाद प्रदेश में 2800 किलोमीटर लंबी नई रेल लाइनों का निर्माण हुआ है, जो डेनमार्क देश की कुल सीमा से भी अधिक है।

प्रतिदिन बिछाया जा रहा है 34 किलोमीटर रेलवे ट्रेक

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि देश में जहां एक दिन में मात्र 4 किलोमीटर रेलवे ट्रैक तैयार होता था, लेकिन प्रधानमंत्री श्री मोदी के कार्यकाल में ट्रैक बिछाने की रफ्तार 34 किलोमीटर प्रतिदिन है।

भोपाल में अब रानी कमलापति स्टेशन, भोपाल मेन स्टेशन, संत हिरदाराम स्टेशन और अब निशातपुरा स्टेशन हो गए हैं।

मध्यप्रदेश को 13 नए अमृत स्टेशनों की सौगात मिली है। वडोदरा -रतलाम और इटारसी-भोपाल-बीना रूट पर तीसरी और चौथी रेल लाइन के काम चल रहे हैं। पहले कभी मीटर गेज लाइनें हुआ करती थीं, जो धीरे-धीरे ब्रॉडगेज हो गईं और ब्रॉडगेज डबल लाइन हो गईं। अब ट्रिपल और फोर लाइन का विकास हो रहा है।