रायपुर 1 जून 2026/ ETrendingIndia / We are not there, we will… Veteran singer Suman Kalyanpur passes away at the age of 89 / सुमन कल्याणपुर निधन – हिंदी फिल्म संगीत की प्रसिद्ध पार्श्व गायिका Suman Kalyanpur का 31 मई 2026 को मुंबई में 89 वर्ष की आयु में निधन हो गया।
वे लंबे समय से उम्र संबंधी स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रही थीं। उनके निधन के साथ भारतीय फिल्म संगीत के स्वर्णिम दौर की एक और महत्वपूर्ण आवाज हमेशा के लिए खामोश हो गई।
संगीत जगत में शोक की लहर
सुमन कल्याणपुर के निधन की खबर से फिल्म और संगीत जगत में शोक की लहर फैल गई। कई कलाकारों, संगीतकारों और प्रशंसकों ने उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए भारतीय संगीत की अपूरणीय क्षति बताया। उनकी मधुर और सुरीली आवाज ने कई पीढ़ियों के श्रोताओं को प्रभावित किया।
ढाका में जन्म, मुंबई में बनाई पहचान
सुमन कल्याणपुर का जन्म 28 जनवरी 1937 को तत्कालीन ब्रिटिश भारत के ढाका (अब बांग्लादेश) में हुआ था। उनका मूल नाम सुमन हेम्माडी था। बचपन से ही उन्हें संगीत और कला में रुचि थी। बाद में उन्होंने शास्त्रीय संगीत का प्रशिक्षण लिया और फिल्म संगीत की दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाई।
1950 के दशक में शुरू हुआ करियर
सुमन कल्याणपुर ने 1950 के दशक में अपने गायन करियर की शुरुआत की। 1960 और 1970 के दशक में वे हिंदी फिल्म संगीत की प्रमुख गायिकाओं में शामिल रहीं। उस दौर में जब Lata Mangeshkar और Asha Bhosle का दबदबा था, तब भी सुमन कल्याणपुर ने अपनी अलग पहचान बनाई। उनकी आवाज की तुलना अक्सर लता मंगेशकर से की जाती थी, लेकिन उन्होंने अपनी विशिष्ट शैली से श्रोताओं का दिल जीता।
मोहम्मद रफी के साथ दिए कई सदाबहार गीत
सुमन कल्याणपुर ने Mohammed Rafi के साथ अनेक लोकप्रिय युगल गीत गाए। उनके गाए गीत आज भी संगीत प्रेमियों की पसंद बने हुए हैं।
“आजकल तेरे मेरे प्यार के चर्चे”,
“ना ना करते प्यार”,
“तुमने पुकारा और हम चले आए”
तथा “परबतों के पेड़ों पर शाम का बसेरा है” जैसे गीत आज भी बेहद लोकप्रिय हैं।
कई भाषाओं में गाए 700 से अधिक गीत
सुमन कल्याणपुर ने हिंदी के अलावा मराठी, बंगाली, गुजराती, कन्नड़, असमिया, उड़िया, पंजाबी और अन्य भाषाओं में भी गीत गाए। अपने लंबे करियर में उन्होंने 700 से अधिक फिल्मी और गैर-फिल्मी गीतों को आवाज दी।
भजन, ग़ज़ल, ठुमरी और भावगीतों में भी उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा।
सम्मान और उपलब्धियां
संगीत के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए उन्हें कई प्रतिष्ठित पुरस्कारों से सम्मानित किया गया। भारत सरकार ने वर्ष 2023 में उन्हें Padma Bhushan से सम्मानित किया था। इसके अलावा उन्हें महाराष्ट्र सरकार का लता मंगेशकर पुरस्कार और कई अन्य सम्मान भी प्राप्त हुए।
व्यक्तित्व की विशेषताएं
सुमन कल्याणपुर अपने शांत, सरल और विनम्र स्वभाव के लिए जानी जाती थीं। उन्होंने हमेशा संगीत को साधना माना और प्रसिद्धि से दूर रहकर अपने काम को प्राथमिकता दी। उनकी आवाज में मिठास, स्पष्टता और भावनात्मक गहराई थी, जिसने उन्हें भारतीय संगीत की सबसे सम्मानित गायिकाओं में शामिल किया।
