रायपुर 22 दिसंबर2025/ ETrendingIndia / sundarban tiger project investment , सुंदरबन बाघ परियोजना निवेश , केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा कि भारत का बाघ संरक्षण मॉडल पूरी दुनिया में सराहा जाता है।
बंगाल के सुंदरबन टाइगर रिजर्व में बाघ और हाथी संरक्षण से जुड़ी दो राष्ट्रीय बैठकों में देश भर के वरिष्ठ अधिकारी, वैज्ञानिक, वन्यजीव विशेषज्ञ और विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधि शामिल हुए।
यादव के अनुसार, पिछले पांच वर्षों में पश्चिम बंगाल के सुंदरबन में बाघ परियोजना के लिए 112 करोड़ रुपये और हाथियों की सुरक्षा के लिए 344 करोड़ रुपये का निवेश किया गया था।
उन्होंने कहा, ‘Óलेकिन इस निधि का अधिकांश भाग उपयोग में नहीं लाया गया।ÓÓ मंत्री यादव ने कहा कि जहां सुंदरबन में हर साल करीब 9.5 लाख का नुकसान होता है, वहीं रणथंभौर बाघ अभयारण्य में 18-19 लाख का नुकसान होता है। मंत्री ने कहा, लगभग 2,500 वर्ग किमी क्षेत्र में फैला हुआ सुंदरबन जनजातीय विविधता से भिन्न है, जहां पक्षियों के 250 से अधिक जानवरों के अलावा बाघ, हिरन और गणतंत्र जैसे विशाल पाए जाते हैं। इसके बावजूद सही तरीके से प्रचार नहीं हो पाया है। प्रशिक्षण और विकास के बीच संतुलन बनाना जरूरी है और इस पर राज्य सरकार को विचार करना चाहिए।
इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री ने छह प्रकाशनों का विमोचन किया। इनमें चीता परियोजना की प्रगति पर आधारित पुस्तक, बाघ संरक्षण प्राधिकरण की पत्रिका का नया अंक, भारत में बाघ संरक्षण की संस्थागत यात्रा पर पुस्तिका, देश के बाघ अभयारण्यों से जुड़े रोचक तथ्य और कहानियां, बंदी हाथियों के प्रबंधन की सर्वोत्तम प्रक्रियाओं पर मार्गदर्शिका और हाथी परियोजना की तिमाही पत्रिका का दिसंबर 2025 अंक शामिल है।
