रायपुर, 27 नवंबर 2025/ ETrendingIndia / India issues guidelines for safe and responsible AI use: Deepfakes, misinformation, and algorithmic manipulation will be curbed / सुरक्षित एआई दिशा-निर्देश , इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने India AI मिशन के तहत देश के अब तक के सबसे व्यापक India AI गवर्नेंस दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इन दिशा-निर्देशों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का उपयोग सुरक्षित, पारदर्शी, विश्वसनीय और मानव-केंद्रित तरीके से हो।
इन दिशा-निर्देशों में जिम्मेदार AI के लिए सात मुख्य मार्गदर्शक सिद्धांत, सुरक्षा-जवाबदेही-समावेशिता को कवर करने वाले छह गवर्नेंस स्तंभ, और लघु, मध्यम व दीर्घकालिक लक्ष्यों के साथ एक स्पष्ट कार्ययोजना शामिल है।
नीति निर्माताओं, तकनीकी डेवलपर्स और उद्योगों के लिए इसमें व्यावहारिक उपाय दिए गए हैं ताकि AI आधारित सेवाएँ पारदर्शी और जवाबदेह हों तथा नवाचार को बढ़ावा मिले।
सरकार ने बताया कि यह ढांचा “किसी को नुकसान न पहुँचाएं” (Do No Harm) के मूल सिद्धांत पर आधारित है। यही कारण है कि इसमें नवाचार सैंडबॉक्स, पूर्व-परीक्षण, जोखिम मूल्यांकन, डेटा संरक्षण और उपयोगकर्ता सुरक्षा पर विशेष जोर दिया गया है।
सुरक्षित एआई दिशा-निर्देश , मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, देश में तेज़ी से बढ़ते AI उपयोग—जैसे बैंकिंग, स्वास्थ्य, शिक्षा, सुरक्षा और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म—को देखते हुए ऐसे मानक अत्यंत जरूरी हो गए थे। हाल के महीनों में डीपफेक, गलत सूचना और एल्गोरिदमिक पक्षपात जैसे मुद्दों को लेकर विशेषज्ञों ने चिंता जताई थी। इसी पृष्ठभूमि में मीतियों ने यह दिशा-निर्देश जारी कर यह स्पष्ट किया है कि भारत AI के विकास को प्रोत्साहित करेगा, लेकिन सुरक्षा और विश्वास को सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ।
नई नीति से उम्मीद है कि भारत वैश्विक स्तर पर सुरक्षित AI विकास के मानक स्थापित करेगा और उद्योगों को एक ऐसा ढांचा देगा जिसमें नवाचार के साथ-साथ उपयोगकर्ताओं के अधिकार और सुरक्षा भी सुनिश्चित रहेंगे।
