Share This Article रायपुर / ETrendingIndia / स्वच्छता सर्वेक्षण 2025 पुरस्कार , विज्ञान भवन में होगा भव्य समारोह स्वच्छता सर्वेक्षण 2025 पुरस्कार समारोह 17 जुलाई 2025 को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम में भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू मुख्य अतिथि होंगी। उनके साथ केंद्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल और राज्य मंत्री श्री टोकन साहू भी मौजूद रहेंगे। देशभर के 78 शहरों को मिलेगा सम्मान इस वर्ष कुल 78 पुरस्कार चार श्रेणियों में दिए जाएंगे — सुपर स्वच्छ लीग शहर पांच जनसंख्या श्रेणियों में टॉप 3 स्वच्छ शहर विशेष श्रेणी (गंगा नगर, कैंट बोर्ड, सफाईमित्र सुरक्षा, महाकुंभ) राज्य स्तरीय पुरस्कार (राज्य/केंद्र शासित प्रदेश के उभरते स्वच्छ शहर) इस आयोजन के माध्यम से, स्वच्छता सर्वेक्षण 2025 पुरस्कार भारत में शहरी स्वच्छता को प्रोत्साहित करने का बड़ा प्रयास है। ऐतिहासिक नागरिक भागीदारी इस बार के सर्वेक्षण में रिकॉर्ड 14 करोड़ नागरिकों ने भाग लिया। उनकी भागीदारी फिजिकल इंटरव्यू, स्वच्छता ऐप, MyGov और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से हुई। इसके अलावा, देश के 11 लाख से अधिक घरों का मूल्यांकन किया गया। स्मार्ट मूल्यांकन और नई रैंकिंग प्रणाली स्वच्छता सर्वेक्षण 2025 पुरस्कार स्मार्ट और संरचित मूल्यांकन प्रणाली पर आधारित है। 10 स्पष्ट मानकों और 54 संकेतकों के आधार पर शहरों की सेवा डिलीवरी और सफाई व्यवस्था का आकलन किया गया। 3,000 से अधिक मूल्यांकनकर्ताओं ने 45 दिनों तक सभी वार्डों में निरीक्षण किया। सुपर स्वच्छ लीग से मिलेगा नई प्रेरणा इस वर्ष पहली बार ‘सुपर स्वच्छ लीग’ की शुरुआत हुई है, जिसमें पिछले तीन वर्षों में शीर्ष 3 में रहे शहरों को शामिल किया गया है। यह नई श्रेणी दूसरे शहरों को भी प्रेरित करती है कि वे स्वच्छता के उच्च मानकों की ओर बढ़ें। आबादी आधारित 5 श्रेणियाँ तय की गईं पहली बार शहरों को उनकी जनसंख्या के अनुसार पाँच श्रेणियों में बांटा गया है: बहुत छोटे शहर (<20,000) छोटे शहर (20,000–50,000) मध्यम शहर (50,000–3 लाख) बड़े शहर (3–10 लाख) मिलियन-प्लस शहर (>10 लाख) इससे छोटे शहरों को भी सम्मान पाने का बराबर अवसर मिला है। निष्कर्षतः स्वच्छ भारत की ओर सशक्त कदम स्वच्छता सर्वेक्षण 2025 पुरस्कार सिर्फ सम्मान नहीं, बल्कि स्वच्छ भारत मिशन के तहत हुए अभूतपूर्व प्रयासों की पहचान है। इससे न केवल शहरों में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी, बल्कि नागरिकों में जागरूकता भी और अधिक गहराई से आएगी। Share This Article Post navigation इंदौर आठवीं बार बना देश का सबसे स्वच्छ शहर, राष्ट्रपति मुर्मू ने दिए 78 पुरस्कार बिहार में जुलाई से 125 यूनिट मुफ्त बिजली, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का बड़ा ऐलान