छोटे छोटे लक्ष्य बनाओपाने आगे बढ़ते जाओचमत्कार की छोड़ो आशाश्रम से बिलकुल मत घबराओ कितनी भूख है… जिसकी जितनी भूख है, उतना ले आहार।आवश्यकता से अधिक, लेना है बेकार।।लेना है बेकार, लोभवश ज़्यादा खाना।होकर के लाचार, वैद्य को पड़े दिखाना।।कहना मुश्किल ‘कांत’, भूख कितनी है किसकी।उतना ले आहार, भूख जितनी है जिसकी।। घोटाले… घोटाले टाले […]
