Tarang Shakti 2026Tarang Shakti 2026
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 रायपुर, 11 अक्टूबर 2026 / ETrendingIndia / राजस्थान के जोधपुर स्थित भारतीय वायुसेना स्टेशन पर आयोजित बहुराष्ट्रीय हवाई अभ्यास ‘तरंग शक्ति 2026 के प्रमुख कार्यक्रमों में केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह शामिल हुए। ‘साझेदारी में शक्ति विषय पर आधारित यह सैन्य अभ्यास 26 सितंबर से 12 अक्टूबर 2026 तक आयोजित किया जा रहा है। इसमें भारत सहित आठ देशों की वायुसेनाएं हिस्सा ले रही हैं, जबकि 30 से अधिक देश पर्यवेक्षक के रूप में शामिल हैं। अभ्यास के दौरान अमेरिका का अत्याधुनिक एफ-35 लड़ाकू विमान आकर्षण का प्रमुख केंद्र बना हुआ है।


आसमान में आधुनिक लड़ाकू विमानों के प्रदर्शन के बीच रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मित्र देशों के सैन्य अधिकारियों को संबोधित किया। उन्होंने बदलते वैश्विक सुरक्षा परिदृश्य और आधुनिक युद्ध की चुनौतियों के संदर्भ में भारत का दृष्टिकोण साझा किया।


राजनाथ सिंह ने कहा कि अंतरिक्ष, साइबर क्षेत्र और कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसी तकनीकें युद्ध की प्रकृति को तेजी से बदल रही हैं। अब किसी सेना की ताकत का आकलन केवल हथियारों या विमानों की संख्या के आधार पर नहीं किया जा सकता, बल्कि अत्याधुनिक तकनीक, सटीक कार्रवाई और त्वरित निर्णय लेने की क्षमता भी महत्वपूर्ण हो गई है।


रक्षा मंत्री ने कहा कि मौजूदा दौर में सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियां अधिक जटिल हो गई हैं। इनका सामना कोई भी देश अकेले नहीं कर सकता। ऐसे में ‘तरंग शक्तिÓ जैसे बहुराष्ट्रीय सैन्य अभ्यास मित्र देशों के बीच सहयोग, समन्वय और सामूहिक तैयारी को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।


उन्होंने भारत की रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता का भी उल्लेख किया। राजनाथ सिंह ने स्वदेशी हल्के लड़ाकू विमान तेजस, रुद्र हेलीकॉप्टर, आकाश मिसाइल प्रणाली और उन्नत मध्यम लड़ाकू विमान (एएमसीए) जैसी परियोजनाओं को देश की बढ़ती रक्षा क्षमताओं का उदाहरण बताया।
जोधपुर वायुसेना स्टेशन पर आयोजित अभ्यास में अमेरिका के एफ-35 लड़ाकू विमान के अलावा फ्रांस के राफेल, भारत के सुखोई एसयू-30 एमकेआई और तेजस सहित विभिन्न आधुनिक सैन्य तथा परिवहन विमानों का प्रदर्शन किया गया। विमानों की गर्जना और हवाई करतबों ने उपस्थित लोगों में खासा उत्साह पैदा किया।


आठ अक्टूबर को आयोजित भव्य हवाई प्रदर्शन को देखने के लिए स्थानीय नागरिकों की भी भीड़ जुटी। आधुनिक विमानों की उड़ान और उनकी परिचालन क्षमताओं के प्रदर्शन ने दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया।


‘तरंग शक्ति 2026Ó में भारत के साथ ऑस्ट्रेलिया, बांग्लादेश, फ्रांस, जर्मनी, श्रीलंका, संयुक्त अरब अमीरात और अमेरिका की वायुसेनाएं भाग ले रही हैं। इसके अलावा 30 से अधिक देश पर्यवेक्षक के तौर पर अभ्यास की गतिविधियों को देख रहे हैं।


इस बहुराष्ट्रीय अभ्यास का उद्देश्य भाग लेने वाले देशों की वायुसेनाओं के बीच सहयोग और परिचालन समन्वय को बढ़ाना तथा आधुनिक सुरक्षा चुनौतियों से निपटने की साझा क्षमता को मजबूत करना है। रक्षा क्षेत्र में बढ़ते अंतरराष्ट्रीय सहयोग के बीच ‘तरंग शक्ति 2026Ó भारत की सैन्य कूटनीति और स्वदेशी रक्षा क्षमताओं को प्रदर्शित करने का महत्वपूर्ण अवसर बनकर सामने आया है।


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