Tata SonsTata Sons
Share This Article

रायपुर, 14 सितंबर। ETrendingIndia / आरबीआई के निर्देश के बाद टाटा समूह की होल्डिंग कंपनी टाटा संस की शेयर बाजार में लिस्टिंग की तैयारी तेज हो गई है। कंपनी का संभावित IPO कम से कम 42,000 करोड़ रुपये का हो सकता है, जो भारत का अब तक का सबसे बड़ा IPO बन सकता है।

17 सितंबर को होने वाली बोर्ड बैठक में IPO के आकार, समय और कंपनी के नेतृत्व समेत कई अहम मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।

42,000 करोड़ रुपये से बड़ा हो सकता है IPO

सूत्रों के मुताबिक टाटा संस के IPO का आकार कम से कम 5 अरब डॉलर यानी करीब 42,000 करोड़ रुपये हो सकता है।

वास्तविक आकार कंपनी द्वारा बेची जाने वाली हिस्सेदारी पर निर्भर करेगा। ऐसा हुआ तो यह 2024 के हुंडई इंडिया और 2022 के LIC IPO से भी बड़ा हो सकता है।

RBI के निर्देश से बढ़ा लिस्टिंग का दबाव

RBI ने टाटा संस को अपर-लेयर NBFC के रूप में वर्गीकृत किया था, जिसके तहत उसे शेयर बाजार में सूचीबद्ध होना था।

कंपनी ने निजी बने रहने के लिए CIC दर्जा खत्म करने का आवेदन किया था, लेकिन RBI ने इसे खारिज कर दिया। इसके बाद लिस्टिंग की राह लगभग फिर खुल गई है।

चंद्रशेखरन के कार्यकाल पर भी फैसला संभव

टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने बोर्ड को बताया है कि उनका मौजूदा कार्यकाल फरवरी 2027 में खत्म होने के बाद वह तीसरे कार्यकाल की मांग नहीं करेंगे। हालांकि 17 सितंबर की बैठक में उनके भविष्य और नेतृत्व को लेकर भी चर्चा हो सकती है।

लिस्टिंग को लेकर टाटा समूह में मतभेद

टाटा ट्रस्ट्स के पास टाटा संस की करीब 66% हिस्सेदारी है। ट्रस्ट्स में लिस्टिंग को लेकर पहले विरोध रहा है, क्योंकि शेयर बाजार में सूचीबद्ध होने के बाद उसका प्रभाव और वीटो अधिकार प्रभावित हो सकता है।

वहीं दूसरे बड़े शेयरधारक शापूरजी पलोनजी समूह लंबे समय से लिस्टिंग का समर्थन करता रहा है।

निवेशकों की नजर अब 17 सितंबर की बैठक पर

बोर्ड बैठक में IPO कब आएगा, कितना बड़ा होगा और टाटा संस के नेतृत्व का भविष्य क्या होगा, इन सवालों पर तस्वीर साफ होने की उम्मीद है। यदि IPO कुछ महीनों में आता है तो यह भारतीय शेयर बाजार के इतिहास की सबसे बड़ी लिस्टिंग में शामिल हो सकता है।


Share This Article