Share This Article रायपुर / ETrendingIndia / मई 2025 में भारत की थोक महंगाई दर घटकर 0.39% रह गई, जो पिछले 14 महीनों में सबसे कम है। वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय ने मंगलवार को यह जानकारी दी। अप्रैल में यह दर 0.85% थी, जिससे यह बड़ी गिरावट मानी जा रही है। थोक महंगाई दर मई 2025 में घटने का प्रमुख कारण खाद्य वस्तुओं और ईंधन की कीमतों में गिरावट रहा। खाद्य महंगाई 2.55% से घटकर 1.72% रह गई, जबकि प्राथमिक वस्तुओं में 2.02% की गिरावट दर्ज की गई। ईंधन और बिजली क्षेत्र में 2.27% की गिरावट (डिफ्लेशन) देखी गई। साथ ही, निर्मित वस्तुओं में महंगाई भी घटकर 2.04% पर पहुंच गई। इससे संकेत मिलता है कि उत्पादन लागत में स्थिरता आ रही है। मंत्रालय ने यह भी बताया कि थोक मूल्य सूचकांक (WPI) की यह स्थिति खाद्य उत्पादों, रसायनों और परिवहन उपकरणों की कीमतों में बढ़ोतरी के बावजूद बनी रही। इससे संकेत मिलता है कि कुछ क्षेत्रों में मूल्यवृद्धि जारी है, मगर समग्र स्तर पर दबाव कम हुआ है। यह उल्लेखनीय है कि WPI थोक स्तर पर कीमतों में बदलाव को दर्शाता है, जबकि उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) खुदरा स्तर की महंगाई को मापता है। थोक महंगाई दर मई 2025 में गिरावट से आर्थिक स्थिरता की उम्मीदें बढ़ गई हैं। अंततः, यह गिरावट नीतिगत दरों और उपभोक्ता खर्च पर भी असर डाल सकती है, जिससे सरकार और उद्योग दोनों के लिए राहत की संभावना बनती है। Share This Article Post navigation कोलकाता के खिदिरपुर मार्केट में भीषण आग, 1000 से ज्यादा दुकानें जलकर खाक NORCET भर्ती परीक्षा अब साल में दो बार होगी आयोजित, स्वास्थ्य मंत्रालय का निर्णय