Ujjain SimhasthaUjjain Simhastha
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रायपुर 10 जून 2026/ ETrendingIndia / Ujjain Simhastha: 17 new development works approved, 148 development works worth 16,910 crore rupees currently underway. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सिंहस्थ : 2028 के भव्य और दिव्य आयोजन के लिए जारी बेहतर रोड नेटवर्क के लिए इंफ्रॉस्ट्रक्चर निर्माण, शिप्रा घाटों के निर्माण, पुण्य स्नान के लिए जल की पर्याप्त उपलब्धता, श्रद्धालुओं के ठहरने और आवागमन की सुगम व्यवस्था तय समय-सीमा में पूर्ण की जाए।

भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा के लिए अद्यतन तकनीक के उपयोग और आपदा प्रबंधन व चिकित्सा सुविधाओं के लिए माइक्रो प्लानिंग की जाए।

मुख्यमंत्री ने मंगलवार को मंत्रालय में हुई सिंहस्थ : 2028 की मंत्रि-मंडलीय समिति की छठवीं बैठक में यह दिशा-निर्देश दिए।

समिति ने 491.66 करोड़ रुपये की लागत के 17 नए विकास कार्यों को मंजूरी दी।

मुख्यमंत्री ने उज्जैन एवं आसपास के 07 जिलों में जारी 16 हजार 910 करोड़ से अधिक लागत के 148 विकास एवं निर्माण कार्यों की समीक्षा की

उज्जैन के विकास कार्यों को मिली स्वीकृति

उज्जैन में शनि मंदिर से प्रशांति धाम चौराहा मार्ग तक पुल और एप्रोच रोड का 30 करोड़ की लागत से निर्माण।

तपोभूमि से पिपलियाराघो पंचक्रोशी मार्ग पर कान्ह नदी पर 12 करोड़ रूपए की लागत से समानन्तर नया पुल।

तपोभूमि से गंगेडी व्हाया राघोपिपल्या तक 5.5 किलोमीटर की 30 करोड़ रूपए लागत की दो लेन की नई सड़क।

देवास रोड से लालपुर होते हुए गरोठ मार्ग तक ढाई किलोमीटर लंबा पंचक्रोशी मार्ग। फोर लेन की यह सड़क 18 करोड़ रुपये की लागत से बनेगी।

उज्जैन में देवास रोड पर लोक निर्माण विभाग 2.36 करोड़ रुपये की लागत से विश्राम गृह (रेस्ट हाउस)।

उज्जैन के देवास रोड स्थित पीडब्लयूडी सर्किट हाउस का विस्तार और नवीनीकरण।

लेकोड़ा से टनकारिया रेलवे स्टेशन रोड तक 13.28 करोड़ रुपये से 2.50 किलोमीटर लंबी सड़क‍।

महाकाल पुलिस थाने से चौबीस खंबा मार्ग तक 4 करोड़ रुपये लागत से 180 मीटर लंबी नई सड़क।

कुशाभाऊ ठाकरे मार्ग से छोटी रपट तक 36.75 करोड़ रुपये लागत से सड़क चौड़ीकरण कार्य।

ओंकारेश्वर के निर्माण कार्य स्वीकृत

मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक में ओंकारेश्वर मंदिर परिसर के 160 करोड़ रूपए लागत के निर्माण कार्य, नगर परिषद ओंकारेश्वर में 12.63 करोड़ रूपए लागत की सीसी रोड निर्माण, ओंकारेश्वर रोड सनावद पर 9.23 करोड़ रूपए लागत के रेलवे आरओबी निर्माण, ओंकारेश्वर में 24.99 करोड़ रूपए लागत की मल्टी लेवल पार्किंग, फूड कोर्ट, टॉयलेट और एडमिन ब्लॉक निर्माण, ओंकारेश्वर में 1.46 करोड़ रूपए लागत के बैरिक तथा प्रशिक्षण हॉल आदि के निर्माण, 4.74 करोड़ रूपए लागत से अस्पताल और स्टाफ क्वार्टर, 38 करोड़ रूपए लागत की 3 फ्लोर कुबेर भंडारी पार्किंग और 12.68 करोड़ रूपए लागत से अस्पताल भवन उन्नयन कार्यों को भी स्वीकृति प्रदान की गई।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ओंकारेश्वर में सर्वसुविधायुक्त अस्पताल बनाने और हेलीपैड बनाने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि यह निर्माण आपदा की स्थिति में विशेष रूप से सहायक होंगे। एयर एम्बुलेंस के संचालन में भी इससे मदद मिलेगी।

ओंकारेश्वर-बड़वाह क्षेत्र के विकास के लिए पृथक प्राधिकरण

मुख्यमंत्री ने बड़वाह, ओंकारेश्वर, खेड़ी घाट क्षेत्र के आसपास होने वाले निर्माण कार्यों के लिए पृथक से प्राधिकरण गठित करने के निर्देश दिये।

उन्होंने कहा कि इससे खंडवा खरगोन जिलों में होने वाले कार्यों का बेहतर समन्वय सुनिश्चित होगा और विकास गतिविधियां समय से पूर्ण करने में मदद मिलेगी।

ओंकारेश्वर के लिए वैकल्पिक मार्ग विकसित करने के निर्देश

क्षिप्रा घाटों के प्रबंधन में आश्रमों और गुरूकुलों को भी जोड़ा जाए

मुख्यमंत्री ने निर्देशित किया कि उज्जैन में शिप्रा नदी के साथ विकसित हो रहे घाटों का निर्माण चरणबद्ध रूप से पूर्ण किया जाए। घाटों तक आने-जाने के मार्गों और पार्किंग व्यवस्था का निर्माण भी साथ-साथ किया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सिंहस्थ : 2028 के लिए सम्पर्ण व्यवस्था और सुरक्षा प्रबंधन का समन्वय कंट्रोल रूम से होगा।

इसका सम्पूर्ण नियंत्रण पुलिस द्वारा सुनिश्चित किया जाएगा। पुलिस, जिला प्रशासन, नगर निगम तथा अन्य सभी एजेंसियां बेहतर समन्वय सुनिश्चित करें।

उन्होंने निर्देश दिये कि इसके लिए प्रशिक्षण और अभ्यास की प्रक्रिया अभी से आरंभ की जाए।

अतिक्रमण हटाने में भेदभाव न हो

मुख्यमंत्री ने कहा कि मार्ग चौड़ीकरण के लिए अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई में कोई भेदभाव न हो, सबके लिए एक समान कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। ऐसे मामलों में तत्काल मुआवजा भी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

उज्जैन क्षेत्र में 15 लाख पेड़ लगाने का लक्ष्य

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंचक्रोशी मार्ग पर सघन पौधरोपण सुनिश्चित किया जाए। उज्जैन क्षेत्र में 15 लाख पेड़ लगाने का लक्ष्य है।

जनसुविधा उपलब्ध कराने में निजी क्षेत्र का सहयोग लिया जाए

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि श्रद्धालुओं के आवागमन में सुगमता और सुविधा के लिए उज्जैन से लगे क्षेत्रों जैसे देवास, इंदौर, खंडवा, आगर-मालवा, शाजापुर, मंदसौर और खरगोन आदि में भी उपयुक्त विकास कार्य किए जाएं।

पीने के पानी, छायादार स्थलों, जनसुविधा केन्द्रों, पार्किंग एरिया, आवासीय सुविधा उपलब्ध कराने के लिए निजी भागीदारी को प्रोत्साहित किया जाए।

उन्होंने मंदसौर के पशुपतिनाथ, आगर-मालवा के नलखेड़ा, देवास, महेश्वर-मंडलेश्वर आदि के मंदिरों और श्रद्धा के केन्द्रों का भी समुचित विकास किया जाए तथा श्रद्धालुओं के आवागमन और सुविधाजनक आवास के लिए समुचित व्यवस्था की जाए।

बिल्डिंग परमिशन का त्वरित निराकरण करें

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि इंदौर, उज्जैन क्षेत्र में होटल निर्माण से संबंधित बिल्डिंग परमिशन के आवेदनों का जल्द से जल्द निराकरण किया जाए। यह सब संसाधन सिंहस्थ : 2028 में श्रद्धालुओं के लिए सुविधाजनक होंगे।

उज्जैन, इंदौर, देवास क्षेत्र के सभी होटलों, लॉज, धर्मशाला, होम-स्टे आदि की रहने की क्षमता और उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी एकत्र करने के भी निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि सभी मंदिरों तथा श्रद्धा के केन्द्रों पर पेयजल, भोजन सामग्री के साथ ही अतिरिक्त चप्पल-जूतों की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए।

उज्जैन को मूर्तिकला केन्द्र के रूप में विकसित किया जाए। महाकाल लोक परिसर में ही प्रतिमाएं तैयार की जाए एवं निर्माण में कटनी, छतरपुर और बालाघाट में उपलब्ध बेहतर क्वालिटी के पत्थर का उपयोग किया जाए तथा स्थानीय मूर्तिकारों को प्रोत्साहन दिया जाए।

महाकाल लोक में स्थित फायबर प्रतिमाओं के स्थान पर पत्थर और धातु से निर्मित 99 प्रतिमाएं तैयार की जा रही हैं।

युवाओं को दें आपदा प्रबंधन का प्रशिक्षण

मुख्यमंत्री ने उज्जैन में वार्ड स्तर और सड़क किनारे के ग्रामों में युवाओं को आपदा प्रबंधन और दुर्घटना में घायलों को राहत पहुंचाने का प्रशिक्षण देने तथा राहवीर योजना की जानकारी का अधिक से अधिक विस्तार करने के भी निर्देश दिए।


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