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रायपुर / ETrendingIndia / उर्जित पटेल IMF निदेशक , केंद्र का बड़ा फैसला

उर्जित पटेल IMF निदेशक , केंद्र सरकार ने पूर्व भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) गवर्नर डॉ. उर्जित पटेल को अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) में एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर नियुक्त किया है। उनका कार्यकाल तीन साल का होगा। यह नियुक्ति कृष्णमूर्ति वी. सुब्रमणियन के कार्यकाल को समय से पहले समाप्त करने के बाद की गई है।

उर्जित पटेल का करियर और योगदान

उर्जित पटेल ने 30 साल पहले IMF में ही अपने करियर की शुरुआत की थी। 1992 में वे भारत में IMF के डिप्टी रेज़िडेंट रिप्रेजेंटेटिव बने। 2016 में वे RBI के 24वें गवर्नर बने और मुद्रास्फीति लक्ष्य निर्धारण ढांचे के प्रमुख वास्तुकार माने जाते हैं। हालांकि, 2018 में उन्होंने व्यक्तिगत कारणों से इस्तीफा दे दिया।

शिक्षा और अन्य भूमिकाएँ

पटेल ने येल यूनिवर्सिटी से पीएचडी, ऑक्सफोर्ड से एमफिल और लंदन यूनिवर्सिटी से बीएससी की डिग्री हासिल की है। उन्होंने वित्त मंत्रालय के सलाहकार के रूप में भी कार्य किया और रिलायंस इंडस्ट्रीज, IDFC, MCX और गुजरात स्टेट पेट्रोलियम कॉरपोरेशन जैसी कंपनियों में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाईं।

नियुक्ति का व्यापक महत्व

यह नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब भारत IMF के पाकिस्तान को दिए जा रहे बेलआउट पैकेज का विरोध कर रहा है। भारत का मानना है कि यह फंड सैन्य या सीमा पार आतंकवाद में इस्तेमाल हो सकता है। साथ ही, भारत के IMF स्पेशल ड्रॉइंग राइट्स (SDRs) और रिज़र्व पोजिशन में हाल ही में बढ़ोतरी हुई है, जिससे देश की वित्तीय क्षमता और भी मजबूत हुई है।