US Midterm Election 2026US Midterm Election 2026
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वॉशिंगटन, 4 नवंबर 2026। US Midterm Election 2026 :अमेरिका के मध्यावधि चुनाव यानी US Midterm Election 2026 के नतीजों में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी को बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। शुरुआती चुनावी नतीजों और रुझानों में विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी ने अमेरिकी संसद के दोनों सदनों प्रतिनिधि सभा और सीनेट में बहुमत हासिल कर लिया है। इस हार के बाद ट्रंप ने अपनी पहली प्रतिक्रिया देते हुए चुनावी नतीजों को स्वीकार करने और डेमोक्रेट्स के साथ मिलकर काम करने की बात कही। हालांकि उन्होंने यह भी दावा किया कि अगर उनका नाम बैलेट पर होता तो रिपब्लिकन पार्टी बड़े अंतर से जीतती।

ट्रंप ने स्वीकार की हार, डेमोक्रेट्स के साथ काम करने की कही बात

मध्यावधि चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी को मिली हार के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वह चुनावी नतीजों को स्वीकार करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि वह इस चुनाव में बैलेट पर उम्मीदवार नहीं थे। अगर उनका नाम बैलेट पर होता तो उनकी पार्टी बड़े अंतर से जीत दर्ज करती। ट्रंप ने आगे कहा कि वह डेमोक्रेटिक पार्टी के नेताओं के साथ मिलकर काम करने को लेकर उत्साहित हैं और उम्मीद करते हैं कि दोनों दल किसी साझा रास्ते पर पहुंच सकेंगे।

प्रतिनिधि सभा में डेमोक्रेट्स की बढ़त, रिपब्लिकन बहुमत से दूर

अमेरिकी प्रतिनिधि सभा यानी हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स की सभी 435 सीटों पर चुनाव हुआ। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, डेमोक्रेटिक पार्टी ने अब तक 186 सीटों पर जीत दर्ज की है, जबकि रिपब्लिकन पार्टी 110 सीटें जीत पाई है। प्रतिनिधि सभा में बहुमत के लिए 218 सीटों की जरूरत होती है। बाकी सीटों पर मतगणना जारी रहने के बीच डेमोक्रेट्स की बढ़त ने रिपब्लिकन पार्टी के सामने सदन का नियंत्रण बचाने की चुनौती खड़ी कर दी है। यदि डेमोक्रेट्स बहुमत हासिल करते हैं तो संसदीय समितियों का नियंत्रण भी उनके हाथ में आ जाएगा।

सीनेट में भी डेमोक्रेटिक पार्टी ने हासिल किया बहुमत

अमेरिकी सीनेट की कुल 100 सीटों में से 35 सीटों पर चुनाव हुआ। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, डेमोक्रेटिक पार्टी ने चुनाव में 15 सीटें जीतीं, जबकि रिपब्लिकन पार्टी को 8 सीटें मिलीं। अन्य सीटों पर मतगणना जारी रहने के बीच सदन में डेमोक्रेट्स की कुल संख्या 51 और रिपब्लिकन की 40 बताई गई है। सीनेट में बहुमत के लिए 51 सीटों की आवश्यकता होती है। इस आंकड़े के साथ डेमोक्रेटिक पार्टी ने उच्च सदन में अपना बहुमत हासिल कर लिया है।

जॉन ओसॉफ की जीत, ट्रंप पर साधा निशाना

डेमोक्रेटिक उम्मीदवार जॉन ओसॉफ ने अमेरिकी सीनेट में दोबारा जीत दर्ज की। जीत के बाद उन्होंने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों और प्रशासन पर निशाना साधा। ओसॉफ ने कहा कि अमेरिकी जनता ने निर्णायक जीत के जरिए ट्रंप प्रशासन के कामकाज पर अपना जवाब दिया है। उन्होंने अपने संबोधन में लोकतंत्र और अमेरिकी गणराज्य की मजबूती का भी जिक्र किया। उनकी जीत को सीनेट में डेमोक्रेट्स की स्थिति मजबूत करने वाली उपलब्धि माना जा रहा है।

कीशा लांस बॉटम्स बनीं अमेरिका की पहली अश्वेत महिला गवर्नर

जॉर्जिया में डेमोक्रेटिक उम्मीदवार कीशा लांस बॉटम्स ने गवर्नर पद का चुनाव जीतकर इतिहास रच दिया है। वह अमेरिका के किसी राज्य की पहली अश्वेत महिला गवर्नर बनने जा रही हैं। उन्होंने रिपब्लिकन उम्मीदवार रिक जैक्सन को हराया। इस जीत के साथ जॉर्जिया में गवर्नर पद रिपब्लिकन पार्टी से डेमोक्रेटिक पार्टी के पास चला गया है। वहीं, साउथ कैरोलिना में भारत विरोधी रुख के लिए चर्चा में रहे अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम की बहन डार्लिन ग्राहम को भी चुनाव में हार का सामना करना पड़ा। उन्हें एनी एंड्रयूज ने हराया।

संसद में बढ़ सकती हैं ट्रंप की मुश्किलें

अमेरिका में मध्यावधि चुनाव राष्ट्रपति चुनाव के दो साल बाद होते हैं। इसमें प्रतिनिधि सभा की सभी सीटों और सीनेट की लगभग एक तिहाई सीटों पर मतदान कराया जाता है। इन चुनावों के नतीजे राष्ट्रपति के शेष कार्यकाल के दौरान संसद में राजनीतिक संतुलन तय करते हैं। यदि डेमोक्रेट्स दोनों सदनों में अपना बहुमत बनाए रखते हैं तो वे संसदीय समितियों के जरिए ट्रंप प्रशासन के फैसलों की जांच कर सकते हैं। सरकारी अधिकारियों को पूछताछ के लिए बुलाने, दस्तावेज मांगने और संसदीय समन जारी करने जैसी शक्तियों का इस्तेमाल भी किया जा सकता है। ऐसे में ट्रंप प्रशासन के लिए आने वाले दो साल राजनीतिक और विधायी रूप से चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं।


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