Share This Article रायपुर, 23 दिसम्बर 2025/ ETrendingIndia / व्हीबी जी राम जी अधिनियम , ग्रामीण भारत को सशक्त बनाने और ‘विकसित भारत @2047′ के राष्ट्रीय विजन को साकार करने की दिशा में भारत सरकार द्वारा एक ऐतिहासिक पहल के तहत ‘विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका के लिए गारंटी मिशन (ग्रामीण) (व्हीबी जी राम जी) अधिनियम 2025’ लागू किया गया है। इस नए अधिनियम के प्रति लोगों में जागरूकता लाने के लिए प्रदेशभर में विशेष ग्राम सभाओं के आयोजन के निर्देश जारी किए गए हैं। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार अधिनियम के लिए जिला एवं जनपद स्तर पर नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की जाएगी। साथ ही अधिनियम की प्रमुख विशेषताएं एवं ग्राम सभा में चर्चा के बिंदु हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में ग्राम पंचायतों को उपलब्ध कराए जाएंगे। विशेष ग्राम सभा के आयोजन के दौरान ग्राम पंचायतों में गणमान्य नागरिकों को आमंत्रित किया जाएगा तथा ग्राम सभा की तिथि व समय का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा। ग्रामीणों, श्रमिकों, महिलाओं, अनुसूचित जाति – जनजाति परिवारों एवं अन्य कमजोर वर्गों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। ग्राम सभा में व्हीबी जी राम जी अधिनियम के प्रावधानों, बढ़ी हुई रोजगार गारंटी तथा विकसित भारत 2047 के दृष्टिकोण पर विस्तार से चर्चा और मार्गदर्शन दिया जाएगा। अधिनियम की प्रमुख विशेषताओं की मुद्रित प्रतियां भी वितरित की जाएंगी एवं विस्तार पूर्वक जानकारी दी जाएगी। 24 और 26 दिसंबर को विशेष ग्राम पंचायतों का होगा आयोजन निर्देशों के अनुसार, अनुसूचित क्षेत्रों के ग्रामों में राष्ट्रीय पेसा दिवस के अवसर पर 24 दिसंबर 2025 को विशेष ग्राम सभा आयोजित की जाएगी, जिसमें व्हीबी जी राम जी योजना को एजेंडा में शामिल किया जाएगा। अनूसूचित क्षेत्रों को छोड़कर शेष ग्राम पंचायतों में 26 दिसंबर 2025 को 'विकसित भारत – रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण)' के प्रति जनजागरूकता हेतु विशेष ग्राम सभा का आयोजन किया जाएगा। संपूर्ण कार्यवाही पंचायत निर्णय एप पर होगी अपलोड विशेष ग्राम सभा की संपूर्ण कार्यवाही, फोटो एवं वीडियो को वास्तविक समय में 'पंचायत निर्णय' मोबाइल ऐप में अपलोड किया जाएगा। साथ ही वाइब्रेंट ग्राम सभा पोर्टल एवं जीपीडीपी पोर्टल में शत-प्रतिशत प्रविष्टि सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। 125 दिनों के मजदूरी-रोजगार की मिलेगी वैधानिक गारंटी यह अधिनियम ग्रामीण परिवारों के लिए रोजगार के अधिकार को और मजबूत करता है। इसके अंतर्गत अकुशल शारीरिक श्रम करने के इच्छुक प्रत्येक ग्रामीण परिवार को प्रत्येक वित्तीय वर्ष में 125 दिनों के मजदूरी-रोजगार की वैधानिक गारंटी मिलेगी। यदि मांग के बावजूद समय पर कार्य उपलब्ध नहीं कराया जाता है, तो बेरोजगारी भत्ता देना राज्य सरकार की बाध्यता होगी। मजदूरी भुगतान में देरी होने पर प्रत्येक विलंबित दिन का मुआवजा भी दिया जाएगा। कार्य योजनाएं ग्राम सभा के माध्यम से तैयार होंगी, जिससे ग्राम स्तर पर निर्णय और पारदर्शिता बढ़ेगी। जल संरक्षण, ग्रामीण अवसंरचना, आजीविका संवर्धन तथा जलवायु परिवर्तन से निपटने वाले कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी। प्रशासनिक मद की सीमा बढ़ाकर की गई 9 प्रतिशत प्रशासनिक मद की सीमा 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 9 प्रतिशत की गई है, जिससे फील्ड स्तर के कर्मचारियों की सेवाएं सुदृढ़ होंगी। Share This Article Post navigation ब्रह्माकुमारी शिवानी दीदी ने ‘संकल्प से सिद्घि’ विषय पर उद्बोधन दिया…प्रधानमंत्री द्वारा उद्घाटन के बाद नवा रायपुर के शान्ति शिखर में पहला आयोजन मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका ऑनलाइन भर्ती प्रणाली का किया शुभारंभ