रायपुर, 26 जुलाई 2026/ Water Conservation : छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले की ग्राम पंचायत घोघर ने जल संरक्षण की दिशा में मिसाल कायम की है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल पर चल रहे “मोर गांव, मोर पानी” महाअभियान के तहत यहां 3000 वाटर एब्जॉर्प्शन टैंक बनाए गए हैं। इससे वर्षा जल का संरक्षण, भू-जल स्तर में सुधार, किसानों को सिंचाई में राहत और टिकाऊ कृषि को मजबूती मिलेगी।
3000 टैंकों से वर्षा जल का होगा संरक्षण
घोघर में 3000 वाटर एब्जॉर्प्शन टैंकों का निर्माण पूरा।
वर्षा जल सीधे जमीन में समाहित होकर भू-जल स्तर बढ़ाने में करेगा मदद।
जल संकट और सूखे जैसी परिस्थितियों से निपटने में मिलेगी सहायता।
किसानों के लिए वरदान बनेगी पहल
खेतों में लंबे समय तक बनी रहेगी नमी।
सिंचाई के लिए पानी की उपलब्धता बढ़ेगी।
फसल उत्पादन और कृषि आय में वृद्धि की संभावना।
जनभागीदारी से बनी सफलता की मिसाल
ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी से अभियान हुआ सफल।
जल संरक्षण के प्रति लोगों में जिम्मेदारी और जागरूकता बढ़ी।
गांव स्तर पर सामुदायिक सहभागिता का मजबूत उदाहरण।
टिकाऊ विकास की ओर बड़ा कदम
भू-जल पुनर्भरण और जल संसाधनों के वैज्ञानिक उपयोग को मिलेगा बढ़ावा।
पर्यावरण संरक्षण के साथ ग्रामीण आजीविका भी होगी मजबूत।
घोघर मॉडल अब अन्य ग्राम पंचायतों के लिए प्रेरणा बन रहा है।
क्यों है यह अभियान खास ?
“मोर गांव, मोर पानी” अभियान पूरे छत्तीसगढ़ में जल संरक्षण को जनआंदोलन बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। वर्षा जल संचयन, भू-जल संवर्धन और जल सुरक्षा को बढ़ावा देने के साथ यह अभियान जलवायु परिवर्तन से जुड़ी चुनौतियों का सामना करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
