Share This Article रायपुर, 26 जुलाई 2026/ No Bag Day : छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले के रुनियाडीह शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला में ‘नो बैग डे’ का दिन एक अविस्मरणीय दिन बन गया जब उन्होंने ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत वृक्षारोपण किया, पोषण वाटिका निर्माण किया और श्रमदान कर पर्यावरण संरक्षण का प्रेरक संदेश दिया। बच्चों ने फलदार पौधे लगाए, सब्जियों के बीज बोए और स्कूल परिसर को हराभरा बनाने में सक्रिय भागीदारी निभाई। ‘एक पेड़ माँ के नाम’ से जुड़ा विद्यालय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक पेड़ माँ के नाम अभियान और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मंशानुसार विद्यालय परिसर में नीम, पीपल, आम, पपीता, मुनगा और केला सहित कई फलदार एवं छायादार पौधे लगाए गए। नो बैग डे पर श्रमदान और सीख राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत आयोजित नो बैग डे पर बच्चों ने किताबों की जगह श्रमदान, पौधों की देखभाल और रचनात्मक गतिविधियों में हिस्सा लिया। यूथ एवं इको क्लब के नेतृत्व में विद्यार्थियों ने पोषण वाटिका से खरपतवार हटाकर उसकी साफ-सफाई की। पोषण वाटिका में बोए सब्जियों के बीज विद्यालय की पोषण वाटिका में बरबटी, लौकी और करेला के बीज लगाए गए। यह पहल बच्चों को पोषण, जैविक खेती और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक बनाने का प्रयास है। बच्चों के पोषण का प्राकृतिक स्रोत विद्यालय परिसर में पहले से मौजूद आम, जामुन, कटहल, अमरूद, पपीता, केला और अनानास जैसे फलदार वृक्ष विद्यार्थियों के पोषण में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। नई पौधारोपण गतिविधि से यह हरित पहल और मजबूत होगी। पर्यावरण संरक्षण का प्रेरक संदेश शिक्षकों, बाल कैबिनेट और विद्यार्थियों की सामूहिक भागीदारी ने यह संदेश दिया कि छोटे-छोटे प्रयास भी हरित भविष्य की मजबूत नींव बन सकते हैं। विद्यालय का यह मॉडल पर्यावरण संरक्षण और पोषण शिक्षा का प्रेरक उदाहरण बनकर उभरा। Share This Article Post navigation Water Conservation : ‘मोर गांव, मोर पानी’ की मिसाल बना घोघर…! छत्तीसगढ़ का गांव बना जल संरक्षण का रोल मॉडल CM Helpline : किसान को मिली तत्काल राहत…! सोलर पंप चालू होते ही सूखते खेतों में लौटी हरियाली