Kankaria depot
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रायपुर 19 अप्रैल 2026/ ETrendingIndia / Kankaria depot in Ahmedabad becomes country’s first water neutral railway depot / वॉटर न्यूट्रल रेलवे डिपो , भारतीय रेल के तहत अहमदाबाद स्थित कंकरिया कोचिंग डिपो ने पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। यह देश का पहला “वॉटर न्यूट्रल” रेलवे डिपो बन गया है, जहां पानी का शुद्धिकरण और पुनः उपयोग कर जल बचत की जा रही है।

क्या है वॉटर न्यूट्रल डिपो

वॉटर न्यूट्रल का मतलब है कि डिपो जितना पानी उपयोग करता है, उतना ही शुद्ध करके दोबारा इस्तेमाल भी करता है। इससे ताजे पानी की जरूरत काफी कम हो जाती है।

रोजाना 1.60 लाख लीटर पानी की बचत

डिपो में अपशिष्ट जल के उपचार और पुनः उपयोग से हर दिन लगभग 1.60 लाख लीटर पानी बचाया जा रहा है। यह 300 घरेलू पानी टैंकर के बराबर है।

पौधों से पानी की सफाई

(फाइटोरेमेडिएशन तकनीक)
डिपो में फाइटोरेमेडिएशन तकनीक का उपयोग किया जा रहा है। इसमें पौधों की मदद से गंदे पानी को प्राकृतिक तरीके से साफ किया जाता है।

उन्नत शुद्धिकरण प्रणाली

पानी को साफ करने के लिए बहु-स्तरीय प्रक्रिया अपनाई जाती है, जिसमें—

आर्द्रभूमि (वेटलैंड) आधारित उपचार

कार्बन और रेत से फिल्टर

यूवी तकनीक से कीटाणुशोधन शामिल हैं। इसके बाद पानी को फिर से उपयोग में लाया जाता है।

सालाना 5.84 करोड़ लीटर पानी की बचत

इस पहल से हर साल करीब 5.84 करोड़ लीटर पानी बचाया जा रहा है, जिससे जल संकट कम करने में मदद मिल रही है।

पर्यावरण और आर्थिक लाभ

यह परियोजना न केवल पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देती है, बल्कि पानी की लागत भी घटाती है। साथ ही यह सभी पर्यावरण मानकों का पालन करती है।

हरित रेलवे की दिशा में बड़ा कदम कंकरिया कोचिंग डिपो का यह मॉडल दिखाता है कि आधुनिक तकनीक और प्राकृतिक तरीकों के जरिए रेलवे संचालन को पर्यावरण के अनुकूल बनाया जा सकता है। यह अन्य डिपो के लिए भी एक प्रेरणादायक उदाहरण है।