Wildlife Photography: Rare Beauty Unveiled at Udanti-Sitanadi! The State Bird—the Asian Paradise Flycatcher—Enhances the Splendor... Featuring a Long, Silky Tail and Magnificent Flight.
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रायपुर, 04 जून 2026 । Wildlife Photography: Rare Beauty Unveiled at Udanti-Sitanadi! The State Bird—the Asian Paradise Flycatcher…Enhances the Splendor…Featuring a Long, Silky Tail and Magnificent Flight.


Wildlife Photography : उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व इन दिनों अपने दुर्लभ प्राकृतिक सौंदर्य और समृद्ध जैव विविधता को लेकर चर्चा में है। यहां मध्य प्रदेश का राजकीय पक्षी ‘दूधराज’ लगातार विभिन्न वन क्षेत्रों में दिखाई दे रहा है। वन विभाग के मुताबिक यह रिजर्व के स्वस्थ वन पारिस्थितिकी तंत्र और बेहतर प्राकृतिक आवास का सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।

अपनी लंबी रेशमी पूंछ, चमकदार सफेद शरीर और आकर्षक उड़ान के लिए प्रसिद्ध दूधराज पक्षी इन दिनों जंगलों, नदी तटीय क्षेत्रों और घने वृक्षाच्छादित इलाकों में नियमित रूप से नजर आ रहा है। इसकी मौजूदगी प्रकृति प्रेमियों और पक्षी पर्यवेक्षकों को खासा आकर्षित कर रही है।

भारत के सबसे खूबसूरत पक्षियों में शामिल

दूधराज को भारत के सबसे सुंदर पक्षियों में गिना जाता है। वयस्क नर पक्षी अपने सफेद चमकीले शरीर और बेहद लंबी पूंछ के कारण आसानी से पहचाना जाता है, जबकि मादा और युवा पक्षियों का रंग लाल-भूरा होता है। इसकी मनमोहक उड़ान और मधुर स्वर जंगल के वातावरण को और खास बना देते हैं।

जंगलों की सेहत का संकेत

वन अधिकारियों के अनुसार, दूधराज मुख्य रूप से नम पर्णपाती वन, मिश्रित जंगल, बांस क्षेत्र और नदी-नालों के किनारे स्थित हरित पट्टियों में रहना पसंद करता है। उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में उपलब्ध विविध वन आवास इसे भोजन, प्रजनन और घोंसला निर्माण के लिए आदर्श वातावरण प्रदान कर रहे हैं।

यह पक्षी अक्सर जलस्रोतों, वन मार्गों और घने वृक्षों वाले क्षेत्रों में देखा जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इसकी नियमित मौजूदगी इस बात का प्रमाण है कि रिजर्व के जंगल अभी भी उच्च गुणवत्ता वाले प्राकृतिक आवास उपलब्ध करा रहे हैं।

पारिस्थितिकी संतुलन में अहम भूमिका

दूधराज एक महत्वपूर्ण कीटभक्षी पक्षी है। यह मक्खियों, पतंगों, दीमकों और अन्य उड़ने वाले कीटों को खाकर जंगलों में प्राकृतिक संतुलन बनाए रखने में मदद करता है। इससे वन पारिस्थितिकी तंत्र स्वस्थ बना रहता है।