World Mental Health Day 2026World Mental Health Day 2026
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रायपुर, 10 अक्टूबर 2026। World Mental Health Day 2026 : विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस 2026 के अवसर पर मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने, सामाजिक भेदभाव दूर करने और जरूरतमंद लोगों तक उपचार पहुंचाने पर जोर दिया जा रहा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, दुनिया में करीब एक अरब लोग किसी न किसी मानसिक विकार से प्रभावित हैं।

केवल व्यक्तिगत नहीं, बल्कि सामाजिक और सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़ा विषय

विशेषज्ञों का मानना है कि मानसिक स्वास्थ्य केवल व्यक्तिगत नहीं, बल्कि सामाजिक और सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है।

10 अक्टूबर को मनाया जाता है विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस

विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस की शुरुआत वर्ष 1992 में हुई थी। इसका उद्देश्य मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना और मानसिक समस्याओं से जुड़े सामाजिक कलंक को दूर करना है।

वर्ष 2026 में मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से गुजर चुके लोगों के अनुभवों को सुनने और उनके आधार पर सेवाओं में सुधार करने पर विशेष जोर दिया गया है।

तनाव, चिंता और अवसाद को न करें नजरअंदाज

पढ़ाई और करियर का दबाव, बेरोजगारी, आर्थिक परेशानियां, पारिवारिक तनाव, अकेलापन और सोशल मीडिया पर दूसरों से तुलना मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकती है।

बच्चे, युवा, कामकाजी लोग और बुजुर्ग भी इन समस्याओं का सामना कर सकते हैं।

मानसिक परेशानी कमजोरी नहीं

मानसिक स्वास्थ्य का अर्थ केवल मानसिक बीमारी से मुक्त होना नहीं, बल्कि भावनात्मक संतुलन बनाए रखना, तनाव से निपटना और स्वस्थ संबंध विकसित करना भी है।

मानसिक परेशानी को कमजोरी समझना गलत है। समय पर विशेषज्ञ से परामर्श और परिवार का सहयोग व्यक्ति को बेहतर महसूस करने में मदद कर सकता है।

भारत में मानसिक स्वास्थ्य के लिए सरकारी पहल

देश में राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम, जिला मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम और टेली-मानस जैसी पहल के माध्यम से मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को सुलभ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

टेली-मानस की हेल्पलाइन 14416 पर निःशुल्क मानसिक स्वास्थ्य संबंधी सहायता और परामर्श प्राप्त की जा सकती है।

मानसिक स्वास्थ्य बेहतर बनाने के 5 उपाय

  • नियमित व्यायाम करें और पर्याप्त नींद लें।
  • संतुलित भोजन करें और अपनी रुचियों के लिए समय निकालें।
  • परिवार और मित्रों के साथ अपनी भावनाएं साझा करें।
  • तनाव बढ़ने पर जरूरत के अनुसार विश्राम करें और मदद मांगने में संकोच न करें।
  • लंबे समय तक परेशानी बने रहने पर योग्य मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ से परामर्श लें।
परिवार और समाज की भी है जिम्मेदारी

मानसिक परेशानी से जूझ रहे लोगों की बात धैर्य से सुनना, उनका मजाक उड़ाने या दोष देने से बचना और जरूरत पड़ने पर उपचार में सहयोग करना जरूरी है। स्कूलों, कॉलेजों और कार्यस्थलों पर भी मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता और सहयोगपूर्ण वातावरण को बढ़ावा दिया जाना चाहिए।

संदेश: मानसिक स्वास्थ्य भी शारीरिक स्वास्थ्य जितना ही महत्वपूर्ण है। जागरूकता, संवेदनशीलता और समय पर उपचार से लोगों के जीवन को बेहतर बनाया जा सकता है। स्वस्थ मन ही स्वस्थ और सशक्त समाज की आधारशिला है।


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