Yoddha Seva Samman: Honoring Indian Army veterans in Nepal...! General Dhiraj Seth presented the ‘Yoddha Seva Samman’ to 9 veterans.Yoddha Seva Samman
Share This Article

रायपुर, 21 अगस्त 2026/ Yoddha Seva Samman : भारतीय सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ ने नेपाल यात्रा के अंतिम दिन बुधवार को पोखरा में भारतीय सेना के पूर्व सैनिकों और वीर नारियों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने सैन्य सेवा के बाद भी समाज और स्थानीय समुदायों के लिए उल्लेखनीय योगदान देने वाले नौ पूर्व सैनिकों को ‘योद्धा सेवा सम्मान’ से सम्मानित किया।

सेना के अनुसार, यह सम्मान पूर्व सैनिकों की सेवानिवृत्ति के बाद समाज और स्थानीय समुदायों के लिए किए जा रहे उल्लेखनीय कार्यों को मान्यता देने के लिए प्रदान किया गया है। सम्मानित पूर्व सैनिकों ने अपने गांवों में शिक्षा और कल्याण को बढ़ावा देने, स्थानीय लोगों की सहायता करने और मुश्किल परिस्थितियों में फंसे पर्यटकों के लिए बचाव दल गठित करने जैसे महत्वपूर्ण कार्य किए हैं।

इन 9 पूर्व सैनिकों को मिला सम्मान

‘योद्धा सेवा सम्मान’ पाने वालों में, सूबेदार एवं मानद कैप्टन रेशम बहादुर छेत्री,,सूबेदार एवं मानद कैप्टन किशन बहादुर थापा, सूबेदार एवं मानद कैप्टन डम बहादुर पुन, सूबेदार मेजर एवं मानद लेफ्टिनेंट विदुर थापा, सूबेदार एवं मानद कैप्टन तारा प्रसाद श्रेष्ठ, हवलदार कर्ण बहादुर गुरंग, हवलदार माबी राज राय, नायक कुल बहादुर छेत्री, नायक जगत प्रसाद गुरंग, जनरल धीरज सेठ ने इस अवसर पर पूर्व सैनिकों के भारतीय सेना में योगदान को याद करते हुए उनकी सेवाओं की सराहना की।

घायल पूर्व सैनिकों को दिए जरूरी उपकरण

सेना प्रमुख ने युद्ध में घायल हुए पूर्व सैनिकों से भी मुलाकात की और उन्हें आवश्यक उपकरण प्रदान किए। उन्होंने पूर्व सैनिकों और वीर नारियों के कल्याण से जुड़े विषयों पर भी बातचीत की। इसके अलावा जनरल धीरज सेठ ने कोहलपुर में ईसीएचएस पॉलीक्लिनिक का वर्चुअल उद्घाटन किया। यह पहल नेपाल में रह रहे भारतीय सेना के पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

सैन्य सेवा के बाद भी जारी ‘सेवा भाव’

‘योद्धा सेवा सम्मान’ का उद्देश्य उन पूर्व सैनिकों के योगदान को सामने लाना है, जिन्होंने सैन्य सेवा से सेवानिवृत्ति के बाद भी समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी को जारी रखा। शिक्षा, सामुदायिक कल्याण, स्थानीय सहायता और आपदा/बचाव कार्यों में इन पूर्व सैनिकों की भूमिका को विशेष रूप से सराहा गया।


Share This Article