Bilaspur-Ambikapur air service
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रायपुर 19 नवम्बर 2025/ ETrendingIndia / Bilaspur-Ambikapur air service suspended due to monsoon; FlyBig withdraws from UDAN scheme / बिलासपुर अंबिकापुर हवाई सेवा , रीजनल कनेक्टिविटी स्कीम (आरसीएस-UDAN) के तहत शुरू की गई बिलासपुर–अंबिकापुर हवाई सेवा अब स्थायी रूप से बंद होने की कगार पर है। फ्लाई बिग चार्टर कंपनी ने मानसून के दौरान विजिबिलिटी की कमी का हवाला देकर उड़ान को अस्थायी रूप से रोका था, लेकिन अब ऐसे संकेत मिल रहे हैं कि कंपनी ने इस रूट पर संचालन बंद कर दिया है। इससे उत्तर छत्तीसगढ़ के हवाई यात्रियों को बड़ी असुविधा का सामना करना पड़ेगा।

19 दिसंबर 2024 को शुरू हुई थी सेवा

फ्लाई बिग ने रायपुर–अंबिकापुर– बिलासपुर रूट पर 19 सीटर विमान के साथ उड़ान शुरू की थी। शुरुआत में इसे सप्ताह में तीन दिन संचालित किया गया, लेकिन बाद में मांग देखते हुए रविवार छोड़कर सप्ताह के छह दिन उड़ानें चलाई जाने लगीं। शुरुआती दौर में फ्लाइट को अच्छा यात्री रिस्पांस मिला, लेकिन कुछ माह बाद यात्रियों की संख्या घटने लगी। कई दिनों में विमान में दो से तीन यात्री ही यात्रा करते देखे गए।

सब्सिडी के बाद भी नहीं बची उड़ान

उड़ान योजना के तहत इस रूट को सरकारी छूट और प्रति सीट क्षतिपूर्ति का लाभ मिल रहा था। यानी नुकसान की भरपाई सरकार द्वारा की जाती थी। इसके बावजूद फ्लाई बिग संचालन जारी रखने में इच्छुक नहीं रही और कंपनी की सेवा बंद की जा रही है.

बनारस तक रूट विस्तार का वादा भी धरा रह गया

सेवा शुरू करते समय अंबिकापुर– बिलासपुर उड़ान को आगे बनारस तक बढ़ाने की योजना बनाई गई थी। बिलासपुर से बनारस तक सीधी उड़ान की अनुपस्थिति को देखते हुए यह रूट व्यावसायिक रूप से मजबूत माना जा रहा था। लेकिन इस प्रस्ताव पर कोई कार्रवाई नहीं हुई और योजना कागजों में ही रह गई।

विंटर शेड्यूल में पुनः शुरू होने का दावा भी अधूरा

कंपनी ने जून 2025 में मानसून कारणों से उड़ान रोकते समय कहा था कि विंटर शेड्यूल से सेवा फिर शुरू की जाएगी। लेकिन किराए में बढ़ोतरी, ईंधन लागत और कम यात्रियों के चलते कंपनी ने अब इस रूट को बंद कर दिया है।

19 सीटर विमान को भी नहीं मिला पर्याप्त रिस्पांस

कम सीट वाले 19 सीटर विमान का संचालन भी कंपनी के लिए फायदेमंद नहीं रहा। अनुमान था कि कम सीटों की वजह से औसत भराव आसानी से हासिल किया जा सकेगा, लेकिन अपेक्षा के विपरीत यात्री संख्या लगातार घटती रही।

नतीजतन, उत्तर और मध्य छत्तीसगढ़ के दो बड़े शहरों को जोड़ने वाली यह महत्वपूर्ण हवाई सेवा बंद हो गई है, जिससे तेज सफर के इच्छुक यात्रियों को अब फिर से सड़कों या रायपुर एयरपोर्ट पर निर्भर होना पड़ेगा।