Share This Article ETrendingIndia लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक 2025 पर चर्चा के दौरान केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने विपक्ष पर कड़ा प्रहार करते हुए स्पष्ट किया कि यह विधेयक मुस्लिम समुदाय के खिलाफ नहीं बल्कि उनके हित में है। उन्होंने कहा कि विपक्ष झूठ फैलाकर अल्पसंख्यक समुदाय में भय पैदा कर रहा है, जबकि यह कानून वक्फ संपत्तियों की सुरक्षा और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए लाया गया है। श्री शाह ने बताया कि वक्फ एक धार्मिक संस्था है, परंतु इसके नाम पर करोड़ों की सरकारी और निजी संपत्तियों पर अवैध कब्जा किया गया है। उन्होंने कहा कि अब किसी की भी जमीन मात्र घोषणा से वक्फ नहीं मानी जाएगी, बल्कि कलेक्टर से सत्यापन अनिवार्य होगा। इस वक्फ संशोधन विधेयक 2025 के अनुसार, अब सिर्फ अपनी संपत्ति ही दान की जा सकेगी। साथ ही, वक्फ बोर्ड के संचालन में प्रशासनिक पारदर्शिता लाई जाएगी, जिससे धांधली और भ्रष्टाचार पर रोक लगेगी। उन्होंने कहा कि सरकार वक्फ ट्रस्ट में धार्मिक मामलों में कोई दखल नहीं देगी, और मुतवली, वकिफ जैसे पद मुस्लिम समुदाय के ही रहेंगे। लेकिन, वक्फ संपत्तियों की सुरक्षा, किरायेदारी और पंजीकरण की प्रक्रिया अब पूरी तरह कानूनी और पारदर्शी होगी। अमित शाह ने स्पष्ट किया कि यह विधेयक वोटबैंक की राजनीति के खिलाफ है और सरकार का उद्देश्य अल्पसंख्यकों की संपत्तियों को सुरक्षित रखना है। वक्फ संशोधन विधेयक 2025, ट्रांसपेरेंसी और न्याय का प्रतीक बनकर सामने आया है, जिसे देशभर से भारी समर्थन मिल रहा है। Share This Article Post navigation स्टार्टअप महाकुंभ 2025: भारत मंडपम में नवाचार, उद्यमिता और वैश्विक भागीदारी का संगम डीपफेक के खिलाफ भारत सरकार की निर्णायक कार्रवाई: कानूनी, तकनीकी और संस्थागत पहल