रायपुर 1 दिसंबर 2025/ ETrendingIndia / World Summit on Disaster Management in Dehradun: India’s strong preparations, Uttarakhand’s key role/ देहरादून आपदा प्रबंधन शिखर सम्मेलन , केंद्रीय मंत्री श्री जितेंद्र सिंह ने देहरादून में ‘आपदा प्रबंधन पर विश्व शिखर सम्मेलन’ में भारत की मजबूत तैयारी और उत्तराखंड की अहम भूमिका पर जोर दिया।
उन्होंने बताया कि उत्तराखंड के सुरकंडा देवी, मुक्तेश्वर और लैंसडाउन में तीन मौसम रडार पहले ही लगाए जा चुके हैं, जबकि हरिद्वार, पंतनगर और औली में तीन और रडार जल्द शुरू किए जाएंगे। इससे राज्य में मौसम पूर्वानुमान और आपदा चेतावनी प्रणाली और मजबूत होगी।
डॉ. सिंह ने कहा कि उत्तराखंड अपने भू-परिक्षेत्र, अनुभव और हिमालयी परिस्थिति के कारण वैश्विक स्तर पर आपदा चर्चा के लिए सबसे उपयुक्त स्थान है।
उन्होंने राज्य में हाल के वर्षों में बढ़ी जलवायु चुनौतियों—जैसे 2013 की केदारनाथ त्रासदी और 2021 की चमोली आपदा—का उल्लेख करते हुए कहा कि तेजी से बदलता मौसम, ग्लेशियरों का पिघलना, वन कटाव और अनियमित निर्माण इन खतरों को और बढ़ा रहे हैं।
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि पिछले 10 वर्षों में राज्य में 33 मौसम वेधशालाएं, 142 स्वचालित मौसम स्टेशन, 107 वर्षा मापक यंत्र और कई अन्य प्रणालियां स्थापित की गई हैं, जो पूर्व चेतावनी को तेज और सटीक बनाती हैं।
बादल फटने की घटनाओं का वैज्ञानिक अध्ययन भी शुरू किया गया है, ताकि समय रहते अलर्ट जारी किए जा सकें।उन्होंने चेतावनी दी कि कुछ क्षेत्रों में मौसम विभाग की चेतावनियों को गंभीरता से नहीं लिया जाता, जिससे नुकसान बढ़ता है।
जम्मू-कश्मीर की एक घटना का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि समय पर एक IAS अधिकारी ने रेड अलर्ट के बाद राजमार्ग बंद कर बड़ी दुर्घटना टाल दी। उन्होंने अवैध खनन को भी खतरनाक बताया, जो नदियों और सड़कों की संरचना को कमजोर करता है।
डॉ. सिंह ने हिमालयी क्षेत्रों में कृषि- स्टार्टअप और CSIR मॉडल के जरिए युवाओं को नए रोजगार अवसर देने की बात की। उन्होंने कहा कि कई युवा उच्च आय के कारण CSIR समर्थित उद्यमों से जुड़ रहे हैं। उन्होंने उत्तराखंड में भी ऐसे मॉडल शुरू करने की अपील की।
भारत की वैश्विक भूमिका पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि देश पड़ोसी देशों को आपदा प्रबंधन में आधुनिक तकनीक उपलब्ध करा रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के 2070 तक नेट-जीरो लक्ष्य को याद कर इसके हासिल करने के लिए अभी से पूरा प्रयास करने पर जोर दिया.
