Rare Herbal Stalls Draw Crowds of Tourists
Rare Herbal Stalls Draw Crowds of Tourists
Share This Article

रायपुर 21 दिसंबर 2025/ ETrendingIndia / Rare Herbal Stalls Draw Crowds of Tourists: Two-Day Workshop, Herbal Material Buyer-Seller Meet / दुर्लभ जड़ी-बूटी स्टॉल , अंतर्राष्ट्रीय वन मेले के चौथे दिन शनिवार को प्रदेश के वनांचलों से जिला यूनियनों, प्राथमिक वनोपज समितियों और वन धन केन्द्रों द्वारा लाई गई शुद्ध जड़ी-बूटियों और उनसे निर्मित उत्पादों में लोगों की भारी रुचि देखी गई।

एम.एफ.पी. पार्क की प्रदर्शनी में गुणवत्ता युक्त और नवीन उत्पादों तथा उनकी आकर्षक पैकेजिंग ने आगंतुकों को आकर्षित किया।

चौथे दिन दोपहर तक 68 लाख रूपये से अधिक मूल्य की जड़ी-बूटियों, औषधियों और अन्य वन उत्पादों की बिक्री हुई।

मेले में अकाष्ठीय वनोपज से सामुदायिक विकास ‘वनों की समृद्धि को सामुदायिक जन कल्याण से जोड़ना’ विषय पर आधारित दो दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। इसकी अध्यक्षता सेवानिवृत्त अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्री पंकज अग्रवाल ने की। कार्यशाला में विषय विशेषज्ञ तथा म.प्र. राज्य लघु वनोपज संघ की प्रबंध संचालक डॉ. समिता राजोरा उपस्थित रहीं। कार्यशाला में वनों की समृद्धि, लघु वनोपजों के संवर्धन एवं संरक्षण के संबंध में उपस्थित विषय विशेषज्ञों द्वारा अपने अनुभव एवं विचार प्रस्तुत किये गये।

बूदनी स्टॉल पर लकड़ी से बने खिलौने और रसोई उपयोग की सामग्रियों की खरीदी में भी लोगों ने उत्साह दिखाया। फूड जोन में पश्चिम छिंदवाड़ा की वनभोज रसोई, अलीराजपुर का दाल-पानियां और बांधवगढ़ के व्यंजन लोगों को देर रात तक लुभाते रहे।

आयुर्वेदिक चिकित्सा की बढ़ती लोकप्रियता के कारण मेले में आयोजित नि:शुल्क चिकित्सा शिविरों में आयुर्वेद चिकित्सक और पारंपरिक वैद्य लगातार लोगों को परामर्श दे रहे हैं।

नि:शुल्क चिकित्सा हेतु स्थापित ओ.पी.डी. में 119 आयुर्वेदिक चिकित्सकों एवं पारंपरिक वैद्यों ने 350से अधिक लोगों को परामर्श दिया।