रायपुर 14 मई 2026/ Eastern Coalfields Limited: Union Minister of State for Coal and Mines visits / ETrendingIndia / ईस्टर्न कोलफील्ड्स दौरा , केंद्रीय कोयला एवं खान राज्य मंत्री श्री सतीश चंद्र दुबे ने 13 मई 2026 को ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ईसीएल) का दौरा किया।
इस दौरे का मुख्य उद्देश्य कंपनी की परिचालन उपलब्धियों, मौजूदा पहलों और भविष्य के विकास के लिए रणनीतिक रूपरेखा की समीक्षा करना था।
ईसीएल द्वारा किए गए उत्पादन, प्रेषण, खदान सुरक्षा, परिचालन दक्षता और सतत विकास पहलों से संबंधित प्रमुख पहलुओं पर चर्चा की गई।
केंद्रीय मंत्री ने ईसीएल के कुनुस्तोरिया क्षेत्र का दौरा किया, जहां ईसीएल के सीएमडी श्री सतीश झा ने उनका स्वागत किया।
इस अवसर पर ईसीएल के निदेशक (वित्त) मोहम्मद अंजार अलाम, श्री गुंजन कुमार सिन्हा, निदेशक (मानव संसाधन), श्री गिरीश गोपीनाथन नायर, निदेशक (तकनीकी), वरिष्ठ अधिकारी, महाप्रबंधक और विभिन्न विभागों के प्रमुख भी उपस्थित थे।
श्री दुबे ने कोयला उत्पादन और पर्यावरणीय दायित्व के बीच संतुलन बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया .
उन्होंने आधुनिक, टिकाऊ तथा पर्यावरण-अनुकूल खनन पद्धतियों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया।
श्री सतीश चंद्र दुबे ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान सराहनीय प्रदर्शन के लिए टीम ईसीएल को बधाई दी।
उन्होंने ईलीएल द्वारा खनन की गई भूमि के व्यवस्थित सुधार और दोबारा इस्तेमाल के लिए की जा रही सांइटिफिक माइन क्लोजिंग एक्टिविटीज की भी प्रशंसा की।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि हरित विकास परियोजनाओं के लिए अवसर पैदा करने के लिए खदान को जिम्मेदारीपूर्ण तरीके से बंद करने की पद्धतियां आवश्यक हैं।
स्वच्छ और अधिक कुशल कोयला परिवहन प्रणालियों की दिशा में ईसीएल के प्रयासों की सराहना करते हुए, श्री दुबे ने विभिन्न परिचालन क्षेत्रों में ‘फर्स्ट माइल कनेक्टिविटी’ (एफएमसी) परियोजनाओं के कार्यान्वयन और विस्तार पर प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा कि ये परियोजनाएं वायु प्रदूषण को कम करने, सड़क परिवहन पर निर्भरता कम करने, लॉजिस्टिक्स दक्षता में सुधार करने और कोयले की तेजी से, सुरक्षित तथा अधिक पर्यावरण-अनुकूल निकासी को संभव बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
केंद्रीय मंत्री ने सौर ऊर्जा संयंत्रों के विस्तार और खनन कार्यों में नवीकरणीय ऊर्जा के एकीकरण को बढ़ावा देने के लिए कंपनी की पहलों की भी सराहना की।
उन्होंने यह सलाह भी दी कि घोषित कोयला स्टॉक की सटीकता सुनिश्चित करने के लिए व्यवस्थित और समय-समय पर स्टॉक सत्यापन के उपाय अपनाए जाने चाहिए।
पश्चिम एशिया के घटनाक्रमों और दुनिया भर में उभरती ऊर्जा चुनौतियों के परिदृश्य का उल्लेख करते हुए, केंद्रीय मंत्री ने देश की ऊर्जा सुरक्षा को मज़बूत करने और संसाधनों का बेहतर उपयोग करते पर जोर दिया।
