Aravallis
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रायपुर 26 दिसंबर 2025/ ETrendingIndia / अरावली पर्वत श्रृंखला के संरक्षण की दिशा में अहम कदम

केंद्र सरकार ने अरावली पर्वत संरक्षण प्रतिबंध को लेकर बड़ा निर्णय लिया है। पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने गुजरात से लेकर राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र तक पूरे अरावली क्षेत्र में नई खनन लीज पर पूर्ण रोक लगाने के निर्देश दिए हैं।

अवैध खनन पर लगेगी सख्त रोक

सरकारी विज्ञप्ति के अनुसार यह प्रतिबंध पूरे अरावली पर समान रूप से लागू होगा। इसका उद्देश्य अवैध और अनियंत्रित खनन को रोकना है। साथ ही, दुनिया की सबसे पुरानी पर्वत श्रृंखलाओं में से एक की भूवैज्ञानिक संरचना को सुरक्षित रखना है।

संरक्षित क्षेत्र का होगा विस्तार

अरावली पर्वत संरक्षण प्रतिबंध के तहत भारतीय वानिकी अनुसंधान एवं शिक्षा परिषद (ICFRE) को अतिरिक्त क्षेत्रों की पहचान करने का निर्देश दिया गया है। यह पहचान पारिस्थितिक, भूवैज्ञानिक और लैंडस्केप स्तर के मानकों पर आधारित होगी।

टिकाऊ खनन के लिए वैज्ञानिक योजना

ICFRE को पूरे अरावली क्षेत्र के लिए सतत खनन प्रबंधन योजना तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई है। इसमें पर्यावरणीय प्रभाव, पारिस्थितिक वहन क्षमता और संवेदनशील क्षेत्रों का आकलन किया जाएगा। इसके बाद यह योजना सार्वजनिक परामर्श के लिए जारी की जाएगी।

मौजूदा खनन पर कड़ी निगरानी

पहले से संचालित खनन गतिविधियों के लिए राज्यों को पर्यावरणीय नियमों और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। परिणामस्वरूप, निगरानी और प्रतिबंध और कड़े किए जाएंगे।

निष्कर्षतः

कुल मिलाकर, अरावली पर्वत संरक्षण प्रतिबंध से मरुस्थलीकरण रोकने, जैव विविधता संरक्षण और भूजल पुनर्भरण में मदद मिलेगी। इस प्रकार, यह निर्णय दीर्घकालिक पर्यावरण सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।