रायपुर 26 दिसंबर 2025/ ETrendingIndia / 2025 में भारत के खेल तंत्र में ऐतिहासिक बदलाव
साल 2025 में भारत खेल पारिस्थितिकी तंत्र में व्यापक सुधार देखने को मिला। यह बदलाव नीति सुधार, शासन ढांचे के पुनर्गठन और रिकॉर्ड बजटीय समर्थन से संभव हुआ। पहले जहां खेल आयोजन-केंद्रित थे, अब विकास आधारित मॉडल अपनाया गया है।
नई राष्ट्रीय खेल नीति ने बदली दिशा
राष्ट्रीय खेल नीति 2025 को जुलाई में मंजूरी दी गई। इस नीति का लक्ष्य 2036 ओलंपिक की तैयारी है। इसके तहत जमीनी स्तर से लेकर उच्च प्रदर्शन तक खेल ढांचे को मजबूत किया गया। साथ ही, खेल विज्ञान और तकनीक पर जोर दिया गया।
खेल शासन कानून से बढ़ी पारदर्शिता
भारत खेल पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने के लिए राष्ट्रीय खेल शासन अधिनियम 2025 लागू किया गया। इसके माध्यम से राष्ट्रीय खेल बोर्ड और खेल न्यायाधिकरण की स्थापना हुई। इससे खिलाड़ियों को निष्पक्ष चयन और शिकायत निवारण का मंच मिला।
खेलो भारत नीति से समावेशी विकास
अगस्त 2025 में खेलो भारत नीति लागू की गई। इसका उद्देश्य महिलाओं, आदिवासी समुदायों और दिव्यांग खिलाड़ियों को आगे लाना है। इस कारण खेलों में भागीदारी बढ़ी और ग्रामीण-शहरी अंतर कम हुआ।
रिकॉर्ड बजट से जमीनी स्तर को मजबूती
2025–26 के बजट में खेल मंत्रालय को ₹3,794 करोड़ आवंटित किए गए। इसमें खेलो इंडिया के लिए ₹1,000 करोड़ शामिल हैं। इसके अलावा, 1,045 जिलों में खेलो इंडिया केंद्र स्थापित किए गए।
खेलो इंडिया से बढ़ी भागीदारी
भारत खेल पारिस्थितिकी तंत्र में खेलो इंडिया की भूमिका अहम रही। पैरा गेम्स और विंटर गेम्स में रिकॉर्ड एथलीट शामिल हुए। AI आधारित प्रतिभा पहचान कार्यक्रम से युवा खिलाड़ियों को मौका मिला।
वैश्विक खेल मंच पर भारत की मजबूत उपस्थिति
2025 में भारत ने वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप की मेजबानी की। इसके बाद 2030 राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी भी भारत को मिली। यह भारत की वैश्विक खेल महत्वाकांक्षा को दर्शाता है।
निष्कर्षतः
कुल मिलाकर, 2025 ने भारत खेल पारिस्थितिकी तंत्र को नई दिशा दी। इस प्रकार, नीति सुधार, मजबूत शासन और वैश्विक दृष्टि ने भारत को एक उभरती खेल महाशक्ति बना दिया।
