रायपुर 28 दिसंबर 2025/ ETrendingIndia / The Air Force received the indigenous unmanned aerial vehicle (UAV) ‘Arya’ / स्वदेशी यूएवी आर्य वायुसेना , भारतीय वायुसेना की ताकत में एक और स्वदेशी प्रणाली जुड़ गई है। वायुसेना को नया मानव रहित हवाई वाहन (यूएवी) ‘आर्य’ प्राप्त हुआ है, जिसे पूरी तरह देश में विकसित किया गया है।
यह यूएवी तेज गति से उड़ान भरते हुए दुश्मन के क्षेत्र में गहराई तक जाकर निगरानी और विशेष अभियानों को अंजाम देने में सक्षम है।
‘आर्य’ यूएवी लगभग 350 किलोमीटर की दूरी तक ऑपरेशन कर सकता है। यह 20 किलोग्राम तक पेलोड ले जाने की क्षमता रखता है और करीब 180 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ान भर सकता है। एक बार उड़ान भरने के बाद यह यूएवी लगभग 4 घंटे तक लगातार हवा में रह सकता है, जिससे लंबी अवधि की निगरानी संभव हो सकेगी।
विशेष बात यह है कि ‘आर्य’ को ऐसे इलाकों में भी प्रभावी ढंग से काम करने के लिए डिजाइन किया गया है, जहां GPS उपलब्ध न हो या इलेक्ट्रॉनिक जामिंग जैसी चुनौतियां हों। इसमें दिन-रात काम करने वाले कैमरे, निगरानी सेंसर और खुफिया जानकारी जुटाने वाले उपकरण लगाए जा सकते हैं।
यूएवी का डिजाइन लंबी दूरी, बेहतर स्थिरता और अधिक भार वहन क्षमता को ध्यान में रखकर किया गया है। इसकी पंखों की चौड़ाई लगभग 4.6 मीटर, लंबाई 3.5 मीटर और ऊंचाई करीब 0.8 मीटर बताई गई है।
निर्माता कंपनी के अनुसार, ‘आर्य’ आधुनिक युद्ध की जरूरतों के अनुरूप तैयार किया गया है और इसका उपयोग सीमा निगरानी, क्षेत्र की रेकी, खुफिया जानकारी जुटाने तथा विशेष अभियानों में किया जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इस स्वदेशी यूएवी के शामिल होने से वायुसेना की परिचालन क्षमता और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में बड़ा कदम साबित होगा।
