रायपुर ,29 दिसंबर 2025 / ETrendingIndia / बांग्लादेश हिंदू राजनीति बदलाव , बांग्लादेश में हाल ही में हिंदू युवक दीपू चंद्र दास और अमृत मंडल की भीड़ द्वारा पीट-पीटकर हत्या किए जाने की घटनाओं ने वहां के अल्पसंख्यक समुदाय को झकझोर कर रख दिया है। देश में लगातार बढ़ रही सांप्रदायिक हिंसा और असुरक्षा के माहौल के बीच अब एक बड़ा राजनीतिक बदलाव देखने को मिल रहा है। फरवरी में होने वाले आम चुनावों से पहले हिंदुओं और अल्पसंख्यकों की आवाज बनने का दावा करते हुए ‘बांग्लादेश माइनॉरिटी जनता पार्टीÓ (क्चरूछ्वक्क) चुनावी मैदान में उतरने जा रही है।
इस पार्टी ने इसी साल अप्रैल में अपना पंजीकरण कराया था और अब यह हिंदुओं के राजनीतिक प्रतिनिधित्व के लिए कमर कस चुकी है।
91 सीटों पर चुनाव लडऩे की तैयारी, हिंदू बहुल इलाकों पर फोकस
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बीएमजेपी ने राष्ट्रीय संसद (जातीय संसद) की कुल 300 सीटों में से 91 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारने की योजना बनाई है। पार्टी के अध्यक्ष सुकृति कुमार मंडल को उम्मीद है कि वे 40 से 45 सीटों पर जीत हासिल कर सकते हैं। पार्टी की चुनावी रणनीति पूरी तरह से हिंदू वोटबैंक पर केंद्रित है। मंडल ने बताया कि उन्होंने उन निर्वाचन क्षेत्रों को चुना है, जहां अल्पसंख्यक आबादी, विशेषकर हिंदू मतदाता 20 प्रतिशत से लेकर 60 प्रतिशत तक हैं। नामांकन की समय सीमा नजदीक होने के कारण पार्टी अगले एक-दो दिनों में उम्मीदवारों की सूची को अंतिम रूप देने जा रही है।
बीएनपी और जमात-ए-इस्लामी से गठबंधन को भी तैयार
पार्टी अध्यक्ष सुकृति मंडल ने एक अहम और चौंकाने वाला बयान देते हुए कहा कि हिंदुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए वे किसी भी मुख्यधारा की पार्टी के साथ गठबंधन करने को तैयार हैं, चाहे वह तारिक रहमान की बीएनपी (क्चहृक्क) हो या फिर कट्टरपंथी मानी जाने वाली जमात-ए-इस्लामी। उनका तर्क है कि अगर इन पार्टियों के साथ गठबंधन होता है, तो अल्पसंख्यक बिना किसी बदले की भावना या डर के अपने घरों से निकलकर वोट डाल सकेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि अवामी लीग अब उनकी प्राथमिकता सूची में नहीं है, क्योंकि उनका मानना है कि बीएमजेपी ही अब प्रताडि़त हिंदुओं की एकमात्र सच्ची आवाज है।
भारत को नसीहत: अवामी लीग का नहीं, हिंदुओं का साथ दें
सुकृति मंडल ने भारत के रुख को लेकर भी तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि भारत को अब ढाका के प्रति अपनी नीति बदलनी चाहिए। उन्होंने सलाह दी कि भारत को पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना और अवामी लीग का आंख मूंदकर समर्थन करने के बजाय सीधे तौर पर हिंदू मुद्दों का समर्थन करना चाहिए। मंडल का आरोप है कि अवामी लीग ने सत्ता में बने रहने के लिए भारत का इस्तेमाल किया। उनका मानना है कि यदि भारत अवामी लीग समर्थक छवि से बाहर निकलता है, तो बांग्लादेश की मुख्यधारा की पार्टियां भी अल्पसंख्यक मुद्दों को गंभीरता से लेना शुरू करेंगी।
एनिमी प्रॉपर्टी एक्ट और धर्मनिरपेक्षता मुख्य एजेंडा
बांग्लादेश हिंदू राजनीति बदलाव , बीएमजेपी ने अपने घोषणापत्र में पांच सूत्रीय एजेंडा तय किया है, जिसमें देश में धर्मनिरपेक्षता, संघीय व्यवस्था लागू करना और पाठ्यपुस्तकों में वैज्ञानिक सोच शामिल करना प्रमुख है। मंडल ने बताया कि पाकिस्तान के शासनकाल में बना ‘एनिमी प्रॉपर्टी एक्टÓ आज भी हिंदुओं को निशाना बनाने और उनकी जमीनें छीनने का हथियार बना हुआ है। उन्होंने कहा कि लाखों एकड़ जमीन कब्जाई जा चुकी है और जबरन धर्मांतरण व आगजनी आम बात हो गई है। मंडल ने जोर देकर कहा कि बांग्लादेश में करीब 2.5 करोड़ हिंदू रहते हैं और वे देश छोड़कर नहीं जाएंगे, बल्कि मुख्यधारा की राजनीति में शामिल होकर अपने हक की लड़ाई लड़ेंगे।
