Ayurveda
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रायपुर, 13 जनवरी 2026 / ETrendingIndia / National workshop on standardization of Ayurveda organized / आयुर्वेद मानकीकरण कार्यशाला , आयुर्वेद में गुणवत्ता, औषधि सुरक्षा और वैश्विक भरोसा बढ़ाने के उद्देश्य से 9 जनवरी 2026 को एक राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यशाला भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) द्वारा मणिपाल उच्च शिक्षा अकादमी के आयुर्वेद विभाग और एकीकृत चिकित्सा एवं अनुसंधान केंद्र के सहयोग से आयोजित हुई।

मणिपाल स्थित टीएमए पाई सभागार में हुए इस कार्यक्रम में देशभर से लगभग 180 शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं, स्टार्टअप्स और उद्योग प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

कार्यशाला में इस बात पर जोर दिया गया कि शास्त्रीय आयुर्वेदिक ज्ञान को आधुनिक वैज्ञानिक और नियामक ढांचे से जोड़ने में मानकों की महत्वपूर्ण भूमिका है।

बीआईएस की आयुर्वेद अनुभागीय समिति के अध्यक्ष जयंत देवपुजारी ने कहा कि मानकीकरण से आयुर्वेद को समय की जरूरतों के अनुरूप बनाया जा सकता है और इसे वैश्विक स्तर पर भरोसेमंद स्वास्थ्य प्रणाली के रूप में स्थापित किया जा सकता है।

उद्घाटन सत्र में मणिपाल उच्च शिक्षा अकादमी के सम-कुलपति डॉ. शरथ के राव ने आयुर्वेद जैसी पारंपरिक चिकित्सा प्रणालियों में मानकीकरण की आवश्यकता पर बल दिया और इस राष्ट्रीय पहल में पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।

बीआईएस की आयुष विभाग प्रमुख सृष्टि दीक्षित ने कहा कि मजबूत मानक ही गुणवत्ता और विश्वास की नींव होते हैं, जिससे आयुर्वेद को अंतरराष्ट्रीय मान्यता मिलती है।

कार्यशाला में विशेषज्ञों ने बहु-विषयक सहयोग, आयुर्वेद स्टार्टअप्स को बढ़ावा और उद्योग की जिम्मेदारी जैसे विषयों पर चर्चा की। समापन सत्र में भविष्य की कार्ययोजना प्रस्तुत करते हुए शिक्षा, उद्योग और नीति निर्माताओं के बीच सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया।