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रायपुर 21 जनवरी 2026 / ETrendingIndia / राज्य की फार्मा–बायोटेक रणनीति

छत्तीसगढ़ सरकार ने फार्मास्यूटिकल और बायोटेक सेक्टर को प्राथमिकता देते हुए राज्य को फार्मा–बायोटेक निवेश हब बनाने की योजना बनाई है। इस पहल में उच्च-प्रोत्साहन नीति, नव रायपुर में 142-एकड़ फार्मा पार्क और स्वास्थ्य तथा निर्माण इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार शामिल है।

निवेशकों के लिए ₹300 करोड़ तक की ग्रांट

नीति के अनुसार, ₹50–200 करोड़ के निवेश पर 60 करोड़ तक, ₹200–500 करोड़ पर 150 करोड़ तक और 500 करोड़ से अधिक निवेश पर 300 करोड़ तक की कैपिटल ग्रांट दी जाएगी। इसके अलावा 12 साल के लिए बिजली शुल्क में 100% छूट, स्टांप ड्यूटी छूट, पंजीकरण शुल्क में राहत और नए बिजली कनेक्शन पर 50% रिइम्बर्समेंट जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध हैं।

142-एकड़ का प्लग-एंड-प्ले फार्मा पार्क

नव रायपुर में विकसित किया जा रहा फार्मा पार्क फार्मुलेशन्स, एपीआई, कॉन्ट्रैक्ट रिसर्च, मेडिकल डिवाइसेज और आयुष उत्पादों के लिए प्लग-एंड-प्ले मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर होगा। पार्क में पानी की आपूर्ति, अपशिष्ट प्रबंधन और इफ्लुएंट ट्रीटमेंट जैसी साझा सुविधाएं पीपीपी मॉडल के तहत उपलब्ध कराई जाएंगी।

निवेश के लिए आदर्श माहौल

छत्तीसगढ़ में 26,000 मेगावाट से अधिक बिजली अधिशेष है और औद्योगिक बिजली दर ₹6.65 प्रति यूनिट से शुरू होती है। राज्य में हर साल 50,000 से अधिक स्नातक फार्मा और बायोटेक उद्योग के लिए उपलब्ध हैं, साथ ही 100 से अधिक फार्मेसी कॉलेज और 300 व्यावसायिक प्रशिक्षण केंद्र निवेशकों को कुशल मानव संसाधन प्रदान करते हैं।

निष्कर्ष

कुल मिलाकर, छत्तीसगढ़ ने वित्तीय प्रोत्साहन, विशेष इन्फ्रास्ट्रक्चर और मानव संसाधन से लैस होकर फार्मा–बायोटेक निवेशकों के लिए एक आकर्षक और प्रतिस्पर्धात्मक माहौल तैयार किया है।