new UGC equity regulations
new UGC equity regulations
Share This Article

रायपुर 30 जनवरी 2026 / ETrendingIndia / सुप्रीम कोर्ट UGC नियम रोक: बड़ा फैसला

सुप्रीम कोर्ट UGC नियम रोकने का आदेश दिया है। इसमें यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (एजुकेशन इक्विटी) के 2026 के नियमों को स्थगित कर दिया गया है। इसके स्थान पर 2012 के पुराने नियम लागू रहेंगे। यह निर्णय देशभर में व्याप्त विरोध और कानूनी चुनौतियों के बीच आया है।

CJI की बेंच ने केंद्र और UGC को नोटिस जारी किया

चीफ जस्टिस सूर्य कांत की अध्यक्षता में बेंच ने केंद्र और UGC को नोटिस जारी किया है। सुप्रीम कोर्ट ने 2026 के नए नियमों को फिलहाल प्रभावहीन (abeyance) रखा है। इसलिए 2012 के नियमों को तब तक लागू रखने का आदेश दिया गया जब तक मामले में अंतिम निर्णय नहीं आता।

विवाद का मुख्य कारण नियम के प्रावधान

नए नियमों के खिलाफ याचिकाकर्ता का कहना है कि नियम मनमाने, भेदभावपूर्ण और संवैधानिक अधिकारों के खिलाफ हैं। खासकर Regulation 3(c) पर न्यायालय ने संदेह जताया कि यह जाति-आधारित भेदभाव की परिभाषा अस्पष्ट है और गलत इस्तेमाल हो सकती है। इस प्रकार सुप्रीम कोर्ट UGC नियम रोकने का कारण प्रावधानों की वैधता पर गंभीर चिंता है।

याचिकाकर्ताओं की दलीलें

याचिकाकर्ताओं ने कहा कि नए नियमों में सामान्य श्रेणी को शिकायत निवारण केंद्र जैसी सुविधाओं से वंचित किया गया। इसलिए यह नियम संविधान के अनुच्छेद 14, 15(1) और 21 के खिलाफ है। उन्होंने तर्क दिया कि यह भेदभाव पूर्ण रोक प्रदान करता है, जो स्वीकार्य नहीं है।

अगली सुनवाई की तारीख

सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की अगली सुनवाई 19 मार्च 2026 निर्धारित की है। तब तक 2012 के नियम लागू रहेंगे। सरकार के पक्ष और UGC की दलीलों के बाद कोर्ट आगे फैसला करेगा। इसलिए सुप्रीम कोर्ट UGC नियम रोक का यह आदेश छात्रों और शिक्षा जगत के लिए महत्वपूर्ण है।