Share This Article रायपुर 6 फरवरी 2026/ ETrendingIndia / मुंबई लिफ्ट हाइड्रोजन हादसा , मुंबई के गोरेगांव पश्चिम क्षेत्र में एक रिहायशी इमारत की लिफ्ट में हाइड्रोजन गैस से भरे गुब्बारों के कारण अचानक आग लग गई। यह हादसा तब हुआ जब कुछ लोग प्लास्टिक बैग में गुब्बारे लेकर लिफ्ट में सवार हुए। लिफ्ट का दरवाजा बंद होते ही गैस सघन हुई और चिंगारी लगते ही विस्फोट के साथ आग भड़क उठी। इस घटना में दो लोग झुलस गए। हाइड्रोजन गैस क्यों है खतरनाक ? हाइड्रोजन गैस अत्यंत ज्वलनशील होती है। यह हवा से हल्की होती है और बंद जगह में जल्दी फैलती है। थोड़ी-सी चिंगारी, मोबाइल, स्विच या घर्षण से भी इसमें आग लग सकती है। बंद स्थान जैसे लिफ्ट, कमरा या वाहन में इसका जोखिम कई गुना बढ़ जाता है। लिफ्ट में खतरा क्यों बढ़ जाता है? लिफ्ट एक बंद और सीमित स्थान होती है। गैस बाहर निकलने का रास्ता नहीं पाती। ऑक्सीजन और हाइड्रोजन के मिश्रण से विस्फोटक वातावरण बन जाता है। वैज्ञानिक दृष्टि से समाधान सजावट के लिए हाइड्रोजन की जगह हीलियम गैस का उपयोग किया जाए, क्योंकि हीलियम ज्वलनशील नहीं होती। गुब्बारों को लिफ्ट में ले जाने से बचें, उन्हें सीढ़ियों या खुले स्थान से ले जाएं। बंद जगहों में ज्वलनशील गैस का भंडारण या परिवहन न करें। इमारतों में अग्नि सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन हो। जन-जागरूकता है सबसे जरूरीविशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह की घटनाएं जानकारी की कमी से होती हैं। लोगों को गैसों के वैज्ञानिक गुणों और उनसे जुड़े खतरों की जानकारी देना आवश्यक है, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों से बचा जा सके। थोड़ी-सी लापरवाही गंभीर हादसे का कारण बन सकती है। सावधानी अपनाकर जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है। Share This Article Post navigation छत्तीसगढ़ : नई स्टार्टअप नीति को मंजूरी, 5 हजार स्टार्टअप्स को मिलेगा प्रोत्साहन भारत में क्वालकॉम ने विकसित की 2 नैनोमीटर चिप