रायपुर 01 March 2026/ ETrendingIndia / Khamenei’s death sparks fury in Pakistan: Pakistanis riot outside embassy; US troops kill 8 / खामेनेई की मौत पाकिस्तान हिंसा , ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या के बाद पाकिस्तान सुलग उठा है। रविवार को पाकिस्तान का औद्योगिक शहर कराची पूरी तरह से रणक्षेत्र में तब्दील हो गया। यहां अमेरिकी वाणिज्य दूतावास की ओर कूच कर रहे आक्रोशित प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाबलों के बीच भयंकर हिंसक झड़प हो गई।
इस रोंगटे खड़े कर देने वाले टकराव में कम से कम 8 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई है, जबकि 30 से ज्यादा लोग गंभीर रूप से घायल होकर अस्पतालों में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहे हैं।
यह भयानक हिंसा उस वक्त भड़की जब बेकाबू भीड़ ने दूतावास की कड़ी सुरक्षा घेराबंदी को तोड़ने की कोशिश की।
‘माई कोलाची’ मार्ग पर मचा बवाल, पुलिस ने दागे आंसू गैस के गोले
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, शिया समूहों द्वारा बुलाए गए इस विशाल विरोध प्रदर्शन की शुरुआत सुल्तानबाद इलाके से हुई थी। प्रदर्शनकारियों का हुजूम ‘माई कोलाची’ मार्ग से होते हुए सीधे अमेरिकी वाणिज्य दूतावास की ओर बढ़ रहा था। पूरी सड़क वाशिंगटन और तेल अवीव के खिलाफ लगे गगनभेदी नारों से गूंज रही थी।
हालात बेकाबू होते देख जैसे ही प्रदर्शनकारी डिप्लोमैटिक जोन के करीब पहुंचे, पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए भारी बैरिकेडिंग कर दी। जब बेकाबू भीड़ ने निषिद्ध क्षेत्र में घुसने का प्रयास किया और पथराव शुरू किया, तो पुलिस को उन्हें तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले दागने पड़े, जिससे इलाके में भारी भगदड़ मच गई।
हाई अलर्ट पर थे अमेरिकी मरीन कमांडो
तनाव इस कदर चरम पर पहुंच गया था कि वाणिज्य दूतावास के भीतर तैनात अमेरिकी मरीन सुरक्षा कर्मियों को ‘हाई अलर्ट’ पर रखा गया। पाकिस्तान के ‘समा टीवी’ की रिपोर्ट के अनुसार, दूतावास की सुरक्षा में तैनात सैन्य कर्मियों और उग्र प्रदर्शनकारियों के बीच सीधा और हिंसक टकराव हुआ। इसी दौरान हुई भीषण फायरिंग में 8 लोगों की जान चली गई।
हालांकि, अभी तक पाकिस्तानी अधिकारियों या अमेरिकी दूतावास ने इन मौतों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है, लेकिन अस्पतालों में पहुंच रहे घायलों की तादाद को देखते हुए मृतकों का आंकड़ा और भी बढ़ने की खौफनाक आशंका जताई जा रही है।
पूरे शहर में पसरा मातम, सील किए गए सभी प्रमुख रास्ते
खामेनेई की मौत की खबर ने नसीम चौरंगी समेत कराची के कई हिस्सों और इमामबाड़ों में पहले मातम और फिर भयानक गुस्से का रूप ले लिया है। हालात की नजाकत को भांपते हुए प्रशासन ने एम.टी. खान रोड और दूतावास की ओर जाने वाले सभी प्रमुख चौराहों को पूरी तरह से सील कर दिया है और आम नागरिकों को इस इलाके से दूर रहने की सख्त हिदायत दी गई है। कराची में भड़की यह हिंसा उसी वैश्विक उबाल का नतीजा है जो शनिवार को ईरान पर हुए इजरायल-अमेरिकी हमलों के बाद दुनिया भर में देखा जा रहा है।
प्रदर्शनकारियों का सीधा आरोप है कि अमेरिका और इजरायल ने अंतरराष्ट्रीय कानूनों की धज्जियां उड़ाते हुए ईरान की संप्रभुता पर हमला किया है।
