रायपुर 20 अप्रैल 2026 / ETrendingIndia / नगर निगम जमीन घोटाला से मचा हड़कंप
नगर निगम जमीन घोटाला सामने आने के बाद प्रशासनिक तंत्र में हड़कंप मच गया है। यह मामला 100 करोड़ रुपये से ज्यादा का बताया जा रहा है।
मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए चार अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है। इसलिए यह मामला अब सुर्खियों में है।
150 एकड़ जमीन को नियमों के खिलाफ किया वैध
जांच में सामने आया कि नगर निगम जमीन घोटाला के तहत 150 एकड़ से ज्यादा जमीन को गलत तरीके से वैध किया गया।
इसके अलावा फाइलों को निगम मुख्यालय से सीधे टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग भेजा गया। जबकि यह प्रक्रिया नियमों के विपरीत है।
इस कारण पूरे मामले में गंभीर अनियमितताओं की आशंका बढ़ गई है।
फाइलें गायब, मिलीभगत के संकेत
नगर निगम जमीन घोटाला में 70 से अधिक खसरा नंबरों से जुड़ी फाइलें गायब पाई गई हैं।
हालांकि कई बार मांगने के बाद भी मूल दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए गए। इसलिए जांच समिति ने मिलीभगत की आशंका जताई है।
यह मामला बोरियाखुर्द, ओम नगर, साई नगर और बिलाल नगर क्षेत्रों से जुड़ा है।
बिल्डर और अधिकारियों के गठजोड़ पर सवाल
नगर निगम जमीन घोटाला में बिल्डरों और अधिकारियों के बीच गठजोड़ के संकेत मिले हैं।
विपक्ष ने इस मामले में उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। जबकि प्रशासन ने सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
अंत में, यह कहा जा सकता है कि यह मामला आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे कर सकता है।
जांच जारी, सख्त कार्रवाई के संकेत
प्रशासन ने नगर निगम जमीन घोटाला की जांच तेज कर दी है। साथ ही विभागीय और कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
इस प्रकार दोषियों पर सख्त कार्रवाई की तैयारी है। निष्कर्षतः, यह मामला पारदर्शिता और जवाबदेही की बड़ी परीक्षा बन गया है।
