रायपुर, 3 मई 2026 / ETrendingIndia / कांकेर IED ब्लास्ट: डिमाइनिंग ऑपरेशन के दौरान बड़ा हादसा
छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में नक्सल ऑपरेशन के दौरान बड़ा हादसा हो गया। कांकेर IED ब्लास्ट में डीआरजी के चार जवानों ने वीरगति प्राप्त की। यह हादसा उस समय हुआ, जब सुरक्षा बल नक्सलियों द्वारा लगाए गए विस्फोटक को निष्क्रिय करने की कार्रवाई कर रहे थे।
घटना के बाद पूरे इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। साथ ही सर्च ऑपरेशन भी तेज कर दिया गया है।
कैसे हुआ कांकेर IED ब्लास्ट
जानकारी के अनुसार, डीआरजी की टीम कांकेर-नारायणपुर सीमा क्षेत्र में नक्सलियों के छिपाए गए डंप की तलाश में निकली थी। इसी दौरान जवानों को संदिग्ध आईईडी मिला।
जब टीम उसे निष्क्रिय करने की कोशिश कर रही थी, तभी अचानक जोरदार विस्फोट हो गया। हादसे में तीन जवान मौके पर ही शहीद हो गए। वहीं एक घायल जवान को हेलीकॉप्टर से रायपुर लाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उन्होंने भी दम तोड़ दिया।
शहीद जवानों के नाम
कांकेर IED ब्लास्ट में बलिदान देने वाले जवानों के नाम इस प्रकार हैं:
- इंस्पेक्टर सुखराम वट्टी
- कॉन्स्टेबल कृष्णा कोमरा
- कॉन्स्टेबल संजय गढ़पाले
- कॉन्स्टेबल परमानंद कोमरा
इन जवानों के बलिदान से पूरे प्रदेश में शोक की लहर है।
नक्सलियों की बड़ी साजिश
बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पट्टिलिंगम ने बताया कि नक्सल प्रभावित इलाकों में बड़ी संख्या में बारूदी सुरंगें और आईईडी छिपाकर रखे गए हैं। सुरक्षा बल लगातार सर्च अभियान चलाकर इन्हें निष्क्रिय कर रहे हैं।
हालांकि, इस बार डिमाइनिंग ऑपरेशन के दौरान बड़ा हादसा हो गया। इसके बाद सुरक्षा एजेंसियों ने इलाके की घेराबंदी कर अन्य संभावित विस्फोटकों की तलाश शुरू कर दी है।
सुरक्षा बलों का अभियान जारी
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा बल लगातार अभियान चला रहे हैं। साथ ही ग्रामीणों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सतर्कता बढ़ा दी गई है।
