रायपुर, 8 मई 2026/ ETrendingIndia / Right medicine – pure diet – this is the base of Chhattisgarh’ campaign: raids on medical establishments / रायपुर मेडिकल छापेमारी अभियान , नागरिकों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य एवं औषधि उपलब्ध कराने की सर्वोच्च प्राथमिकता के तहत राज्य शासन द्वारा 27 अप्रैल से 11 मई तक “सही दवा-शुद्ध आहार-यही छत्तीसगढ़ का आधार” थीम पर 15 दिवसीय सघन जांच अभियान चलाया जा रहा है।
कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के मार्गदर्शन में गठित औषधि प्रकोष्ठ की टीमों ने 6 और 7 मई को राजधानी के विभिन्न थोक एवं फुटकर दवा दुकानों पर सघन छापेमारी की।
खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग द्वारा औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 एवं नियमावली 1945 के अंतर्गत जिले में संचालित औषधि एवं खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया।
अभियान के दौरान फर्मों के आवश्यक अभिलेख, क्रय-विक्रय विवरण, भंडारण व्यवस्था तथा लाइसेंस संबंधी दस्तावेजों की जांच की गई।
जांच टीम ने शिव मेडिकल हॉल बाजार चौक भनपुरी, भारत मेडिसिन सेंटर खम्हारडीह, गजेंद्र मेडिकल स्टोर्स हीरापुर, हिमानी मेडिकल एंड जनरल स्टोर्स हीरापुर, मधुलिका मेडिकल एंड जनरल स्टोर्स बैरन बाजार, जय दुर्गा मेडिकल स्टोर्स मोवा, अमर मेडिकल एंड जनरल स्टोर्स, चंचल मेडिकल स्टोर्स, वेल क्योर फार्मा कॉर्प देवपुरी, अपिओस लाइफसाइंसेज देवपुरी, जेना केयर लाइफ साइंसेज प्रा.लि. देवपुरी, पराग लॉजिस्टिक्स, जोमेड हेल्थ केयर देवपुरी और नाथानी हेल्थ केयर देवपुरी का औचक निरीक्षण किया।
इन संस्थानों में अल्प्राजोलम, कोडीन, ट्रामाडोल और अल्ट्रासेट जैसी स्वापक एवं मनःप्रभावी (Narcotic & Psychotropic) जी.एल.पी.-1 औषधियों के क्रय-विक्रय रिकॉर्ड की जांच की गई।
कारण बताओ नोटिस
निरीक्षण के दौरान कुछ फर्मों द्वारा मांगी गई आवश्यक जानकारी एवं दस्तावेज निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत नहीं किए जाने पर संबंधित फर्मों को कारण बताओ नोटिस जारी करने की कार्यवाही की जा रही है।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि नियमानुसार जानकारी प्रस्तुत नहीं करने एवं अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित फर्मों के विरुद्ध औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम के तहत कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
निरीक्षण दलों को निर्देशित किया है कि जनस्वास्थ्य से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों के विरुद्ध कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए।
खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी प्रकार की संदिग्ध, अमानक अथवा एक्सपायरी औषधि एवं खाद्य सामग्री की सूचना विभाग को दें, ताकि आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
