रायपुर 9 मई 2026/ ETrendingIndia / स्काईरूट एयरोस्पेस यूनिकॉर्न , हैदराबाद की स्पेस स्टार्टअप कंपनी Skyroot Aerospace ने 60 मिलियन डॉलर की नई फंडिंग जुटाकर बड़ा मुकाम हासिल किया है। इसके साथ ही कंपनी भारत की पहली स्पेस-टेक यूनिकॉर्न बन गई है।
‘ विक्रम-1’ रॉकेट की तैयारी तेज
कंपनी अब अपने ‘विक्रम-1’ रॉकेट के लॉन्च की तैयारी कर रही है। यह निजी क्षेत्र द्वारा विकसित भारत का महत्वपूर्ण सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल माना जा रहा है। इसके जरिए छोटे उपग्रहों को अंतरिक्ष में भेजा जाएगा।
निजी अंतरिक्ष क्षेत्र को मिलेगा बढ़ावा
विशेषज्ञों का मानना है कि स्काईरूट की सफलता से भारत के निजी अंतरिक्ष क्षेत्र को नई गति मिलेगी। इससे स्टार्टअप्स, निवेश और अंतरिक्ष तकनीक में रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
इसरो के साथ मिलकर काम
स्काईरूट एयरोस्पेस पहले भी भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन Indian Space Research Organisation के सहयोग से परीक्षण कर चुकी है। कंपनी ने इससे पहले ‘विक्रम-एस’ मिशन लॉन्च कर सफलता हासिल की थी।
भारत की स्पेस इकोनॉमी को मजबूती
सरकार की नई अंतरिक्ष नीति और निजी कंपनियों को मिली अनुमति के बाद भारत की स्पेस इकोनॉमी तेजी से आगे बढ़ रही है। स्काईरूट की उपलब्धि को इसी दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
