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रायपुर, 23 मई 2026/ ETrendingIndia / Culture Department’s Art Training Camp “Shape-2026” at Mahant Ghasidas Memorial Museum: Start from May 25, registration begins / आकार 2026 शिविर , छत्तीसगढ़ संस्कृति विभाग द्वारा पारंपरिक शिल्प एवं लोक कलाओं के संरक्षण, संवर्धन और नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने के उद्देश्य से “आकार-2026” पारंपरिक शिल्प एवं विविध कला प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया जा रहा है।

यह बहुप्रतीक्षित प्रशिक्षण शिविर 25 मई से 9 जून तक महंत घासीदास स्मारक संग्रहालय परिसर (सिविल लाइन, रायपुर) में आयोजन किया जाएगा। शिविर में भाग लेने के लिए पंजीयन प्रक्रिया 21 मई से प्रारंभ हो चुका है।

      यह शिविर प्रदेश के कला प्रेमियों, युवाओं और प्रशिक्षुओं के लिए एक अनूठा मंच साबित होगा, जहां उन्हें देश के अनुभवी कला गुरुओं के मार्गदर्शन में पारंपरिक और आधुनिक विधाओं को सीखने का अवसर मिलेगा। शिविर का मुख्य उद्देश्य विलुप्त होती लोक कलाओं और पारंपरिक शिल्प को सहेजना और उन्हें नई पहचान दिलाना है।

    दो पालियों में प्रशिक्षण 

प्रतिभागियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इस शिविर का आयोजन प्रतिदिन दो पालियों में किया जाएगा। प्रथम सत्र सुबह 7 बजे से 10 बजे तक और द्वितीय सत्र संध्या 5 बजे से रात्रि 8 बजे तक आयोजित किया जाएगा।

शिविर में भाग लेने के इच्छुक प्रतिभागी महंत घासीदास स्मारक संग्रहालय परिसर, सिविल लाइन रायपुर में जाकर अपना पंजीयन करा सकते हैं।

लोक कला से लेकर आधुनिक ए.आई. आर्ट का अनूठा संगम

      “आकार-2026” में पारंपरिक विधाओं के साथ-साथ आधुनिक रचनात्मकता का बेहतरीन संयोजन देखने को मिलेगा। इस बार शिविर में ए.आई. आधारित कला प्रशिक्षण को भी विशेष रूप से शामिल किया गया है। शिविर में प्रदेश और देश के ख्यातिप्राप्त कला विशेषज्ञ एवं पारंगत गुरु प्रशिक्षण देंगे। 

सिखाई जाने वाली प्रमुख विधाएं

शिल्प और मूर्तिकला के रूप में क्ले एवं टेक्सचर आर्ट, जूट शिल्प, टेराकोटा, लिप्पन आर्ट, रजवार भित्ति चित्र कला और वुडन ट्राइबल आर्ट, चित्रकला और पारंपरिक कलाएं के रूप में मंडला एवं मांडना आर्ट, गोदना शिल्प, पेंटिंग, पचवाई आर्ट और छत्तीसगढ़ी पारंपरिक गहने निर्माण की कला सिखाई जाएगी।

संगीत, नृत्य और अन्य भरथरी गायन, कथक नृत्य, लोकसंगीत एवं लोकनृत्य, हस्त कढ़ाई कला, बोनसाई आर्ट और शिल्प डिजाइनिंग भी सीखाई जाएगी।

प्रदर्शनी और प्रमाण पत्र

     शिविर में केवल प्रशिक्षण ही नहीं दिया जाएगा, बल्कि समापन के अवसर पर सभी प्रशिक्षुओं द्वारा तैयार की गई खूबसूरत कलाकृतियों की एक भव्य प्रदर्शनी लगाई जाएगी, इससे प्रतिभागियों को अपनी प्रतिभा को सबके सामने प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा। इसके साथ ही सफलतापूर्वक प्रशिक्षण पूर्ण करने वाले सभी प्रतिभागियों को संस्कृति विभाग द्वारा प्रमाण पत्र भी प्रदान किए जाएंगे।

पंजीयन शुल्क

      शिविर का पंजीयन शुल्क मात्र 100 रूपए निर्धारित किया गया है। सामाजिक सरोकार को बढ़ावा देने के लिए दिव्यांग एवं अनाथ बच्चों को शुल्क में विशेष छूट दी जाएगी, ताकि समाज के हर वर्ग की प्रतिभाएं इस सांस्कृतिक पहल का हिस्सा बन सकें।

संपर्क सूत्र

     शिविर से संबंधित विस्तृत जानकारी या आवेदन प्रारूप डाउनलोड करने के लिए निम्नलिखित माध्यमों का उपयोग किया जा सकता है। वेबसाइट: cgculture.in  ई-मेल: [email protected],  कार्यालय का पता-संचालनालय संस्कृति एवं राजभाषा, सेक्टर 27 व्यावसायिक परिसर, द्वितीय तल, नवा रायपुर अटल नगर। हेल्पलाइन नंबर (कार्यालयीन समय में) 0771-2995629, 2534704, मोबाइल नंबर 98271-55547, 95757-41888 पर संपर्क कर जानकारी हासिल की जा सकती है।