Share This Article छोटे छोटे लक्ष्य बनाओपाने आगे बढ़ते जाओचमत्कार की छोड़ो आशाश्रम से बिलकुल मत घबराओ कितनी भूख है… जिसकी जितनी भूख है, उतना ले आहार।आवश्यकता से अधिक, लेना है बेकार।।लेना है बेकार, लोभवश ज़्यादा खाना।होकर के लाचार, वैद्य को पड़े दिखाना।।कहना मुश्किल ‘कांत’, भूख कितनी है किसकी।उतना ले आहार, भूख जितनी है जिसकी।। घोटाले… घोटाले टाले नहीं, टलते जान सुजान।मुख्य स्रोत लगता हमें, बनवाता धनवान।।बनवाता धनवान, उजागर झट हो जाता।न्यायालय में सिद्ध, बमुश्किल यह हो पाता।।यही दुधारू गाय, मान बैठे हैं पाले।क्या है आज उपाय, कौन टाले घोटाले।। सूर्यकांत गुप्ता, जुनवानी, भिलाई (छत्तीसगढ़) रायपुर, 23 मई 2026/ ETrendingIndia / जीवन परिचयनामः सूर्यकान्त गुप्तापिताः स्व. प्रकाश कुमार गुप्तामाताः स्व. प्रेमलता गुप्ताध.पत्नी.. श्रीमती सुरेखा गुप्ताजन्म तिथि: १७/०५/१९६३शिक्षा : वाणिज्य स्नातकोत्तरव्यवसाय : सेवानिवृत्त शासकीय कर्मचारी – अधीक्षक, केंद्रीय वस्तु एवं सेवाकरनिवास : फ्लैट नंबर 26 ,चौहान पार्क व्हयू जुनवानी भिलाई, छत्तीसगढ़📱7974466865 Share This Article Post navigation स्मृति पुस्तकालय योजना : 12,500 पुस्तकें दान , आपभी ज्ञान के दान में बनें भागीदार II चुप! II