Barnawapara Sanctuary
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रायपुर, 24 मई 2026/ ETrendingIndia / Devpur Nature Summer Camp at Barnawapara Sanctuary: Children learn team spirit and adventure lessons in the presence of nature / बारनवापारा समर कैंप , छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के बारनवापारा अभ्यारण्य के पास देवपुर में बच्चों के लिए विशेष नेचर कैंप का आयोजन किया गया है।

नौतपा से पहले आयोजित इस समर नेचर कैंप में बच्चों ने रोमांच के साथ-साथ पक्षी दर्शन (बर्ड वॉचिंग) और पर्यावरण से जुड़ी कई महत्वपूर्ण सीख प्राप्त की।

बच्चों को प्रकृति के करीब लाने, पर्यावरण संरक्षण की जानकारी देने और स्थानीय वन्यजीवों व पक्षियों के बारे में रोमांचक तरीके से सिखाने के लिए इस विशेष कैंप का आयोजन किया जाता है।

वनमण्डलाधिकारी धम्मशील गणवीर के दिशा-निर्देशानुसार बारनवापारा अभयारण्य अंतर्गत देवपुर नेचर कैंप में एक विशेष समर कैंप का सफल आयोजन किया गया।

16 मई से 22 मई तक चले इस अनूठे कैंप का मुख्य उद्देश्य बच्चों को किताबी ज्ञान से बाहर निकालकर प्रकृति के बीच व्यावहारिक रूप से सीखने, समझने और नए अनुभवों को आत्मसात करने का अवसर प्रदान करना था।

छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश के 65 प्रतिभागी हुए शामिल

इस समर कैंप में वन विभाग के मैदानी स्टाफ के बच्चों सहित छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश के 65 से अधिक प्रतिभागियों ने बड़े उत्साह के साथ हिस्सा लिया।

सभी बच्चों ने प्रकृति की गोद में रहकर साहसिक व रचनात्मक गतिविधियों का आनंद लिया और इस कैंप को अपने लिए बेहद यादगार बताया। पढ़ाई के तनाव से दूर बच्चों को कला और खेल-कूद के माध्यम से रचनात्मक बनाया जाता है।

जंगल ट्रेकिंग, बर्ड वाचिंग और एडवेंचर एक्टिविटीज

कैंप के दौरान बच्चों के बौद्धिक और शारीरिक विकास के लिए प्रतिदिन सुबह कई प्रकार की गतिविधियां आयोजित की गईं ।

बच्चों को प्रतिदिन सुबह जंगल ट्रेक और बर्ड वाचिंग (पक्षियों को देखने) के लिए ले जाया जाता था, जहां उन्होंने वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास, जंगल की अनूठी संरचना और विभिन्न पक्षियों को करीब से पहचाना। टेंट कैंपिंग, आउटडोर एडवेंचर गेम्स और विभिन्न रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से बच्चों में आपसी टीम भावना, आत्मविश्वास और प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता का विकास किया गया।

बारनवापारा सफारी और सिरपुर का शैक्षणिक भ्रमण

बच्चों के ज्ञानवर्धन के लिए उन्हें बारनवापारा अभयारण्य में वाइल्डलाइफ सफारी कराई गई, जिससे वे वन्यजीवों की दुनिया से रूबरू हो सके। इसके अतिरिक्त, अंचल की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं पुरातात्विक धरोहरों से परिचित कराने के लिए उन्हें ऐतिहासिक नगरी सिरपुर का शैक्षणिक भ्रमण भी कराया गया।

बच्चों को कम्युनिटी एंगेजमेंट (सामुदायिक सहभागिता) गतिविधियों से भी जोड़ा गया, जिससे वे स्थानीय वनांचल समुदायों और प्रकृति के गहरे अंतर्संबंधों को समझ सके।

विश्व जैव विविधता दिवस पर जाना औषधीय पौधों का महत्व
कैंप के दौरान विश्व जैव विविधता दिवस के विशेष अवसर पर बच्चों को बायोडायवर्सिटी ट्रेल (जैव विविधता पथ) पर ले जाया गया। यहाँ स्थानीय पारंपरिक वैद्यों द्वारा बच्चों को वनों में पाए जाने वाले दुर्लभ औषधीय पौधों और जड़ी-बूटियों की लाइव जानकारी दी गई।

इस गतिविधि ने बच्चों को हमारे पारंपरिक ज्ञान, जैव विविधता के संरक्षण और प्रकृति के महत्व से गहराई से अवगत कराया गया।