रायपुर, 30 मई 2026/ “The attack on drug dealers… Raigad police set out to give new life to misguided youth”/
Attack on Drug Dealers : नशे के खिलाफ सिर्फ कार्रवाई नहीं, बल्कि भटके हुए युवाओं को नई जिंदगी देने का संकल्प लेकर रायगढ़ पुलिस अब संवेदनशील पुलिसिंग की नई मिसाल पेश कर रही है।
इसी सोच को जमीन पर उतारते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने 29 मई को सामाजिक सरोकारों से जुड़े दो महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में हिस्सा लिया और यह संदेश दिया कि पुलिस की भूमिका केवल कानून-व्यवस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज को बेहतर दिशा देने की भी है।

मातृ निलियम संस्था में 129 वां दत्तक ग्रहण समारोह
एसएसपी शशि मोहन सिंह अपनी पत्नी रेखा सिंह और पुत्र ऋभु समर्थ सिंह के साथ मातृ निलियम संस्था में आयोजित 129वें दत्तक ग्रहण समारोह में शामिल हुए।
संस्था द्वारा अब तक 128 बच्चों को विधिवत कानूनी प्रक्रिया के तहत निःसंतान दंपत्तियों को सौंपा जा चुका है। समारोह में 129वें बच्चे के दत्तक ग्रहण की प्रक्रिया के तहत एसएसपी और उनकी पत्नी ने आवेदनकर्ता दंपत्ति को प्रतीकात्मक रूप से बच्चा सौंपा। उन्होंने दंपत्ति को शुभकामनाएं देते हुए इस भावनात्मक और जीवन बदल देने वाले अवसर पर बधाई दी।
“नव जीवन” व्यसन मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र में युवाओं से संवाद
कार्यक्रम के बाद एसएसपी चक्रधरनगर स्थित उन्नायक समिति द्वारा संचालित “नव जीवन” व्यसन मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र पहुंचे, जहां उन्होंने नशे की गिरफ्त से बाहर निकलने का प्रयास कर रहे युवाओं से आत्मीय संवाद किया।
उन्होंने युवाओं का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि नशा केवल व्यक्ति का स्वास्थ्य ही नहीं, बल्कि उसका परिवार, भविष्य और सामाजिक सम्मान भी छीन लेता है।
उन्होंने युवाओं से पुनर्वास केंद्र में मिले अवसर का पूरा लाभ उठाने और जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का आह्वान किया।
एसएसपी ने कहा कि रायगढ़ पुलिस जिले में “ऑपरेशन आघात” के तहत शराब, गांजा, नशीली दवाओं, प्रतिबंधित इंजेक्शनों और अन्य मादक पदार्थों के अवैध कारोबार के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई कर रही है।
इस अभियान का उद्देश्य केवल नशे के कारोबारियों पर शिकंजा कसना नहीं, बल्कि नशे की चपेट में आए युवाओं और नाबालिगों को इस दलदल से बाहर निकालकर उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ना भी है।
उन्होंने कहा कि रायगढ़ पुलिस ऐसे युवाओं के पुनर्वास, मार्गदर्शन और रोजगार से जोड़ने के लिए भी कार्य करेगी ताकि वे सम्मानजनक और आत्मनिर्भर जीवन जी सकें।
इस दौरान जिला बाल संरक्षण अधिकारी धीरेन्द्र शर्मा, ट्रैफिक डीएसपी उत्तम प्रताप सिंह, थाना प्रभारी चक्रधरनगर निरीक्षक राकेश मिश्रा, उन्नायक समिति के अध्यक्ष सिद्धांत मोहंती, दत्तक ग्रहण समन्वयक मीना जायसवाल सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
नशे की गिरफ्त से बाहर निकलने का फैसला ही नई जिंदगी की शुरुआत
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि नशे की गिरफ्त से बाहर निकलने का फैसला ही नई जिंदगी की शुरुआत है। सही मार्गदर्शन, पुनर्वास और समाज के सहयोग से भटके हुए युवाओं को फिर से नई पहचान और नई दिशा दी जा सकती है।
