नई दिल्ली, 16 जून 2026/ Karl Landsteiner Biography: Discovery of A, B, O, and AB blood groups…! When blood transfusion was a life-threatening risk… Discover the inspiring story behind Karl Landsteiner.
Karl Landsteiner Biography : आज जब रक्तदान को महादान कहा जाता है और हर दिन हजारों मरीजों की जान रक्त चढ़ाकर बचाई जाती है, तो इसके पीछे एक महान वैज्ञानिक का योगदान छिपा है। यह नाम है सर कार्ल लैंडस्टैनर, जिन्होंने इंसानी खून के रहस्यों को समझते हुए ब्लड ग्रुप प्रणाली की खोज की और चिकित्सा विज्ञान को नई दिशा दी।
यही वजह है कि हर साल 14 जून, उनके जन्मदिन पर पूरी दुनिया विश्व रक्तदाता दिवस मनाती है और स्वैच्छिक रक्तदाताओं का सम्मान करती है।
संघर्षों के बीच शुरू हुआ सफर
14 जून 1868 को ऑस्ट्रिया की राजधानी वियना में जन्मे कार्ल लैंडस्टैनर का बचपन आसान नहीं था। महज 6 वर्ष की उम्र में उन्होंने अपने पिता को खो दिया। उनकी मां फैनी लैंडस्टैनर ने अकेले उनका पालन-पोषण किया। बचपन से ही विज्ञान और शोध में रुचि रखने वाले कार्ल ने आगे चलकर वियना विश्वविद्यालय से मेडिकल शिक्षा प्राप्त की और रसायन विज्ञान में भी गहन अध्ययन किया।
जब खून चढ़ाना था जानलेवा जोखिम
19वीं सदी के अंत तक रक्त चढ़ाने की प्रक्रिया बेहद खतरनाक मानी जाती थी। कई मरीजों की मौत सिर्फ इसलिए हो जाती थी क्योंकि डॉक्टरों को यह पता नहीं था कि किस व्यक्ति का रक्त किसे चढ़ाया जा सकता है।
कार्ल की ऐतिहासिक खोज
1900 में अलग-अलग लोगों के खून को मिलाने पर थक्के बनने की प्रक्रिया का अध्ययन किया। 1901 में दुनिया को A, B और O ब्लड ग्रुप की जानकारी दी। 1902 में उनके सहयोगियों ने AB ब्लड ग्रुप की पहचान की। इस खोज ने आधुनिक ब्लड ट्रांसफ्यूजन सिस्टम की नींव रखी और लाखों लोगों की जान बचाने का रास्ता खोल दिया।
पोलियो वायरस का भी किया खुलासा
कार्ल लैंडस्टैनर का योगदान सिर्फ ब्लड ग्रुप तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने यह साबित किया कि पोलियो किसी बैक्टीरिया से नहीं बल्कि वायरस से फैलने वाली बीमारी है। उनकी यह खोज आगे चलकर पोलियो वैक्सीन विकसित करने में बेहद महत्वपूर्ण साबित हुई।
1940 में की एक और बड़ी खोज
अपने जीवन के अंतिम वर्षों में भी कार्ल का शोध जारी रहा। उन्होंने अमेरिकी वैज्ञानिक एलेक्जेंडर वीनर के साथ मिलकर आरएच (Rh) फैक्टर की खोज की। इस खोज ने गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं में होने वाली गंभीर रक्त संबंधी समस्याओं को समझने और उनका इलाज विकसित करने में अहम भूमिका निभाई।
मिला नोबेल पुरस्कार
ब्लड ग्रुप प्रणाली की खोज के लिए कार्ल लैंडस्टैनर को वर्ष 1930 में फिजियोलॉजी या मेडिसिन का नोबेल पुरस्कार प्रदान किया गया। 26 जून 1943 को उनका निधन हो गया, लेकिन उनकी खोज आज भी करोड़ों लोगों के जीवन की रक्षा कर रही है।
